
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 और 8 फरवरी को मलेशिया के दौरे पर जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री की मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों के बीच सहयोग की समीक्षा की जाएगी। इसमें व्यापार और निवेश, रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग से लेकर डिजिटल और वित्तीय टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन और जन-संबंधों तक के क्षेत्र शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वार्ता में पारस्परिक लाभ के लिए भविष्य में होने वाले सहयोग की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।इसके साथ ही वॉन्टेड विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक का प्रत्यर्पण भी शामिल है। बता दें ज़ाकिर नाइक को भारत लाने के बारे में विदेश मंत्रालय के सचिव (ईस्ट) पी. कुमारन ने गुरुवार को कहा, “मैं आपको भरोसा दिला सकता हूं कि इस दौरे के दौरान सभी मुद्दों पर बात होगी। हमने पिछले दौरों में भी, अलग-अलग लेवल पर इन मुद्दों पर बात करने के मौके मिले हैं। जब तक सभी टेक्निकल प्रोसेस पूरे नहीं हो जाते, हम इस मुद्दे को उठाते रहेंगे। हमें उम्मीद है कि हमें मनचाहा नतीजा मिलेगा।”
व्यापार प्रतिनिधियों से भी बात करेंगे पीएम
वस्तुओं, सेवाओं और निवेश को कवर करने वाला भारत-मलेशिया द्विपक्षीय व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता (सीईसीए) 1 जुलाई, 2011 से प्रभावी हुआ। आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौता (एआईटीआईजीए) जनवरी 2010 में लागू हुआ, जबकि आसियान-भारत सेवा और निवेश व्यापार समझौते जुलाई 2015 से परिचालन में हैं और इसकी समीक्षा जारी है। मोदी वहां भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ उद्योग और व्यापार प्रतिनिधियों से भी बातचीत करेंगे।
भारत-मलेशिया सीईओ फोरम का होगा आयोजन
प्रधानमंत्री की यात्रा के साथ ही 10वां भारत-मलेशिया सीईओ फोरम भी आयोजित होगा। यह प्रधानमंत्री की मलेशिया की तीसरी यात्रा होगी और अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिए जाने के बाद पहली यात्रा होगी। मलेशिया में 29 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी रहते हैं, जो विश्व में तीसरा सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है।
तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है आसियान
आसियान में मलेशिया भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 2024-25 में भारत-मलेशिया व्यापार 19.9 अरब डॉलर था, जिसमें 7.36 अरब डॉलर का निर्यात और मलेशिया से 12.54 अरब डॉलर का आयात शामिल था।
written by- Toshi Shah















