
लोकसभा में लगातार दूसरे दिन भी सियासी टकराव देखने को मिला। सोमवार के हंगामे के बाद मंगलवार को भी विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही। विपक्ष, खासकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, चीन से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की मांग पर अड़े रहे, जबकि सरकार ने इस पर कड़ा विरोध जताया। हालात इतने बिगड़ गए कि प्रश्नकाल पूरा नहीं हो सका और स्पीकर को कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। पूरे दिन संसद में शोर-शराबा, आरोप-प्रत्यारोप और डेकोरम को लेकर तीखी टिप्पणियां सुनने को मिलीं।
प्रश्नकाल भी नहीं हो पाया पूरा
मंगलवार सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन विपक्ष के शोर-शराबे के चलते प्रश्नकाल पूरा नहीं हो सका और मजबूरी में स्पीकर को कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
हालात यहां भी नहीं सही हुआ, दोपहर 12 बजे जब सदन दोबारा बैठा, तब भी हंगामा जारी रहा। विपक्ष लगातार नारेबाजी करता रहा, जिसके चलते कार्यवाही को फिर 2 बजे तक टाल दिया गया।
राहुल गांधी ने उठाया चीन का मुद्दा
इसके बाद जब 2 बजे फिर सदन शुरू हुआ और राहुल गांधी बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने चीन से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की मांग की साथ ही इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय बताया। जिस पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई और कहा कि इस विषय को अभी नहीं उठाया जाना चाहिए।
किरेन रिजिजू का राहुल पर हमला
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल एक ऐसे मैगजीन लेख का हवाला दे रहे हैं, जो पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित किताब पर आधारित है, जिसे सदन में कोट नहीं किया जा सकता।
चेयर ने डेकोरम की दिलाई याद
हंगामे के बीच लोकसभा में उस समय स्थिति और गंभीर हो गई, जब एक सदस्य ने चेयर को संबोधित करते हुए 'यार' शब्द का इस्तेमाल कर दिया। इस पर आसन पर बैठे कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने सदस्य को फटकार लगाते हुए कहा कि संसद कोई आम सभा नहीं है, बल्कि देश की सर्वोच्च विधायी संस्था है, जहां शब्दों और व्यवहार में मर्यादा बनाए रखना सभी सांसदों की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी सदस्यों से गरिमा बनाए रखने की अपील की।
विपक्ष के सांसदों ने बोलने से किया इनकार
जब राहुल गांधी अपने मुद्दे पर अड़े रहे, तो चेयर ने अन्य सांसदों को बोलने का मौका दिया। लेकिन विपक्ष के तीन सांसदों ने बोलने से मना कर दिया। इसके बाद हंगामा और तेज हो गया और सदन की कार्यवाही फिर बाधित हो गई।
- YUKTI RAI















