
देश के कई राज्यों में UGC के नए नियमों के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। छात्र संगठनों और यूनिवर्सिटी के छात्रों ने प्रदर्शन किया और सरकार से नए नियम वापस लेने की मांग की। छात्रों का कहना है कि नए नियम कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। कई जगह कॉलेज और यूनिवर्सिटी परिसर में नारेबाजी और धरने हुए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि सरकार को नियम लागू करने से पहले सभी वर्गों की राय लेनी चाहिए थी।
UGC के नए नियम क्या हैं
यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने हाल ही में उच्च शिक्षा से जुड़े नए नियम लागू किए हैं। इनमें शिक्षकों की भर्ती, प्रमोशन, रिसर्च और एडमिशन प्रक्रिया में बदलाव शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि इन नियमों में आरक्षण और सामाजिक न्याय से जुड़े प्रावधान कमजोर किए गए हैं। नियमों के मुताबिक, अब कुछ समूहों के छात्रों और शिक्षकों के लिए विशेष अवसर कम हो सकते हैं। कई छात्र संगठन मानते हैं कि नियमों का असर सीधे कमजोर वर्ग के छात्रों की पढ़ाई और करियर पर पड़ेगा।
UGC के नए नियमों के विरोध में कई राज्यों में प्रदर्शन
देश के कई राज्यों में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्रों ने नारेबाजी की और धरने पर बैठकर सरकार से नियम वापस लेने की मांग की। छात्रों का कहना है कि नए नियम कमजोर वर्ग और पिछड़े छात्रों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। कई जगहों पर प्रशासन और छात्रों के बीच हल्की झड़प भी हुई। छात्र संगठन इसे सामाजिक न्याय के लिए खतरा मान रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि नियम लागू करने से पहले सभी वर्गों की राय लेना जरूरी था, तभी शिक्षा में समान अवसर बनाए जा सकते हैं।
SC-OBC छात्रों ने भी नए नियमों का किया विरोध
SC और OBC वर्ग के छात्रों ने भी UGC के नए नियमों का विरोध किया है। उनका कहना है कि नए नियमों से उनके लिए शिक्षा और अवसर कठिन हो सकते हैं। कई छात्रों ने बताया कि नियम लागू होने पर उन्हें उच्च शिक्षा के समान मौके नहीं मिलेंगे। प्रदर्शन में छात्रों ने नारेबाजी की और सरकार से अपील की कि नियमों को बिना सभी वर्गों की राय लिए लागू नहीं किया जाए। इन छात्रों का कहना है कि सामाजिक न्याय और आरक्षण के प्रावधान बनाए रखना जरूरी है।
Written by: Anushka sagar















