
आज संसद में Union Budget 2026 से पहले आर्थिक सर्वे पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में यह रिपोर्ट रखेंगी। आर्थिक सर्वे से यह पता चलता है कि बीते एक साल में देश की अर्थव्यवस्था कैसी रही। इसमें महंगाई, रोजगार, विकास और आम लोगों से जुड़े मुद्दों की स्थिति बताई जाती है। बजट से पहले आने वाला यह सर्वे सरकार के लिए बेहद अहम होता है, क्योंकि इसी के आधार पर आगे की आर्थिक योजनाएं और फैसले तय किए जाते हैं।
आर्थिक सर्वे क्या होता है
आर्थिक सर्वे सरकार की हर साल आने वाली एक रिपोर्ट होती है। इसमें बताया जाता है कि देश की अर्थव्यवस्था कैसी चल रही है। इस रिपोर्ट से पता चलता है कि सरकार ने कितना पैसा कमाया, पैसा कहां खर्च हुआ, महंगाई कितनी रही और लोगों को नौकरी मिली या नहीं। इसमें किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और आम लोगों की हालत के बारे में भी जानकारी दी जाती है। आसान शब्दों में कहें तो आर्थिक सर्वे यह दिखाता है कि देश की आर्थिक हालत अच्छी है या कमजोर और सरकार के फैसलों का लोगों की जिंदगी पर क्या असर पड़ा।
आम लोगों के लिए क्यों जरूरी है
आर्थिक सर्वे सिर्फ सरकार या विशेषज्ञों के लिए नहीं होता, बल्कि आम लोगों के लिए भी बहुत जरूरी है। इससे पता चलता है कि महंगाई पर कितना काबू पाया गया और रोजमर्रा की चीजें कितनी महंगी हुईं। नौकरी और रोजगार के हालात कैसे रहे। इससे लोगों को यह समझने में मदद मिलती है कि सरकार ने जनता के हित में कितना काम किया और किन मुद्दों पर अभी और ध्यान देने की जरूरत है।
बजट 2026 की दिशा तय करता है सर्वे
आर्थिक सर्वे को बजट की नींव माना जाता है। इसमें जो आंकड़े और सुझाव दिए जाते हैं, उन्हीं के आधार पर बजट तैयार किया जाता है। सर्वे से यह अंदाजा लगाया जाता है कि सरकार किन क्षेत्रों पर ज्यादा पैसा खर्च कर सकती है। माना जा रहा है कि इस बार रोजगार, महंगाई, मिडिल क्लास और विकास योजनाओं पर खास ध्यान दिया जा सकता है।
Written by: Anushka sagar















