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उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-150 में एक दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। 27 वर्षीय इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। यह हादसा एक ऐसे गहरे गड्ढे की वजह से हुआ, जो निर्माण कार्य के लिए खोदा गया था और लंबे समय से पानी से भरा हुआ था।
कैसे हुआ हादसा?
युवराज मेहता अपनी SUV से जा रहे थे, तभी उनकी गाड़ी निर्माणाधीन साइट के पास बने पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। बताया जा रहा है कि यह गड्ढा करीब 20 फीट गहरा था, जिससे बाहर निकलना संभव नहीं हो सका और युवराज की मौके पर ही मौत हो गई।
पुराना गड्ढा, कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं
यह गड्ढा वर्ष 2021 में सेक्टर-150 में एक मॉल के बेसमेंट निर्माण के लिए खोदा गया था। एक साल बाद से ही उसमें पानी भर गया था, लेकिन न तो उसे भरा गया और न ही वहां किसी तरह की चेतावनी या सुरक्षा व्यवस्था की गई। इसी लापरवाही ने एक युवा इंजीनियर की जान ले ली।
बिल्डर पर कार्रवाई, एक और की तलाश
मामले में नोएडा पुलिस ने विशटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिकों के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच में लापरवाही सामने आने के बाद मंगलवार को पुलिस ने कंपनी के एक मालिक अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दूसरे आरोपी मालिक मनीष कुमार की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
FIR में कौन-कौन शामिल?
युवराज के पिता की शिकायत पर विशटाउन प्लानर्स और लोटस ग्रीन्स के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। हालांकि, लोटस ग्रीन्स ने सफाई दी है कि उन्होंने यह प्रोजेक्ट 2019-2020 में नोएडा अथॉरिटी की मंजूरी से विशटाउन प्लानर्स और गृहप्रवेश ग्रुप को बेच दिया था।
मुख्यमंत्री योगी ने लिया संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद संज्ञान लिया। इसके बाद नोएडा अथॉरिटी के CEO और 2005 बैच के IAS अधिकारी डॉ. लोकेश एम को पद से हटा दिया गया और इंतजार की स्थिति में रखा गया है।
SIT करेगी मामले की जांच
योगी सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित करने के आदेश दिए हैं। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि इस हादसे के लिए और कौन-कौन जिम्मेदार है।
बड़ा सवाल अभी बाकी
हालांकि एक बिल्डर की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन सवाल अब भी बना हुआ है कि इस लापरवाही में शामिल अन्य अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर कब कार्रवाई होगी। युवराज मेहता की मौत ने नोएडा में निर्माण स्थलों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- YUKTI RAI

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