
मणिकर्णिका घाट को लेकर चल रहे विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के आरोपों पर सीधे जवाब दिया है। वाराणसी पहुंचकर सीएम योगी ने प्रेस वार्ता में सरकार का पक्ष रखा और कांग्रेस पर एआई से बनाए गए फर्जी वीडियो के जरिए दुष्प्रचार करने का गंभीर आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने काशी के विकास कार्यो और दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना की जरूरत को भी विस्तार से समझाया।
मणिकर्णिका घाट को लेकर बढ़ा सियासी विवाद
मणिकर्णिका घाट से जुड़े मामले में केंद्र और राज्य सरकार विपक्ष के निशाने पर हैं। विवाद बढ़ता देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद वाराणसी पहुंचे और प्रेस वार्ता कर पूरे मामले पर सरकार का पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने परियोजना की जरूरत और उद्देश्य बताए, साथ ही कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।
कांग्रेस पर दुष्प्रचार का आरोप
सीएम योगी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मणिकर्णिका घाट पर मंदिर तोड़े जाने का झूठा प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने AI से बनाया गया फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की है।
सीएम के मुताबिक, कांग्रेस हमेशा से सनातन परंपरा के खिलाफ रही है और इस मामले में भी वही रवैया अपना रही है।
AI वीडियो से फैलाई जा रही गलत जानकारी
शनिवार को सीएम योगी चंदौली में सीजेएआई के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसके बाद उनका अचानक मणिकर्णिका घाट जाने का कार्यक्रम बना, लेकिन समय की कमी के चलते उन्होंने सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता कर स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने कहा कि जिस मंदिर को तोड़े जाने का दावा किया जा रहा है, वह पूरी तरह सुरक्षित है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पूरी तरह AI से तैयार किया गया है।
AI वीडियो बनाकर दुष्प्रचार किया जा रहा है, जो अपने आप में एक अपराध है। गुमराह करके सनातन धर्मावलंबियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इनके द्वारा AI जनरेटेड वीडियो बनाकर मंदिर को तोड़ने का दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है। जबकि हर व्यक्ति जानता है कि मणिकर्णिका में जो मंदिर… pic.twitter.com/Yr7krMV3kR
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) January 17, 2026
मंदिर और प्रतिमाएं पूरी तरह सुरक्षित
सीएम योगी ने बताया कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर और आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर काशी विश्वनाथ परिसर में स्थापित की गई थीं। मणिकर्णिका घाट पर चल रहे कार्य के पूरा होने के बाद अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा वहीं दोबारा स्थापित की जाएगी।
दालमंडी सड़क चौड़ीकरण असल मुद्दा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले काशी में रोजाना केवल 25 से 50 हजार श्रद्धालु आते थे, लेकिन काशी विश्वनाथ धाम के विकास के बाद अब प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाने के लिए मैदागिन से गोदौलिया के बीच दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना चलाई जा रही है। सीएम योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इसी परियोजना को रोकना चाहती है और इसलिए मणिकर्णिका घाट को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है।
काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद से लेकर अब तक अकेले काशी ने देश की GDP में ₹1.3 लाख करोड़ का योगदान किया है। यहां रोजगार के नए अवसर सुलभ हुए हैं। आज काशी की सभी सड़कें फोरलेन से जुड़ी हैं।
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) January 17, 2026
— मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी pic.twitter.com/BXKMx0dxh0
अखिलेश यादव ने उठाए सवाल
भुवनेश्वर में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि शायद दुनिया में कहीं ऐसा नहीं होता कि किसी पुरानी और ऐतिहासिक चीज को तोड़ा जाए। उनका आरोप है कि वर्तमान सरकार अपनी विरासत को बचाने के बजाय उसे नष्ट करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक स्थानों और वस्तुओं का संरक्षण करना चाहिए और उन्हें बेहतर बनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना चाहिए।
#WATCH भुवनेश्वर: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "शायद दुनिया में कहीं ऐसा नहीं होता होगा कि अपनी पुरानी चीजों को तोड़ दें। दुर्भाग्य है कि ऐसी सरकार है जो विरासत को बर्बाद करना चाहती है। इन्हें संरक्षण करना चाहिए, इतिहास को और अच्छा बनाना चाहिए, नष्ट नहीं करना चाहिए।" pic.twitter.com/r418fFC0mR
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 17, 2026
- YUKTI RAI



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