
1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। रविवार को केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में 36 दलों के करीब 50 नेता शामिल हुए। सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू मौजूद रहे। बैठक में मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) का रहा लेकिन सुरक्षा, राज्यों की समस्याएँ और वायु प्रदूषण जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
SIR और सुरक्षा का मुद्दा सबसे बड़ा विषय
सीपीआई सांसद पी. संतोष कुमार ने बैठक में कहा कि दिल्ली के लाल किले के पास हाल ही में हुआ धमाका राष्ट्रीय सुरक्षा में बड़ी चूक है। उन्होंने कहा कि इतनी सुरक्षित जगह पर धमाका होना खुफिया और सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी को दिखाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग SIR को लेकर विपक्ष की बात नहीं सुन रहा और तानाशाही जैसा रवैया अपना रहा है।
आदिवासियों पर कार्रवाई का मुद्दा भी उठा
संतोष कुमार ने कहा कि ऑपरेशन कगार के नाम पर कई निर्दोष आदिवासियों को बिना कानूनी प्रक्रिया के मार दिया गया, जो कि आदिवासी समुदायों के अधिकारों और मानवाधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने इसे उद्योगपतियों के हितों से जोड़कर बताया।
राज्यों का पैसा रोकने पर सवाल
सांसद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राजनीतिक कारणों से केरल का हिस्सा रोके हुए है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने इसे सहकारी संघवाद के खिलाफ बताया।
वायु प्रदूषण और छोटे सत्र पर चिंता
दिल्ली और उत्तर भारत में बढ़ते प्रदूषण पर भी चर्चा हुई। सांसदों ने कहा कि हर साल गंभीर स्थिति बनती है लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए जाते। इसके साथ ही सत्र की कम अवधि पर भी नाराजगी जताई गई कि इस वजह से गंभीर विषयों पर चर्चा नहीं हो पाती।
सरकार का जवाब – संसद चलने दें
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सभी दलों को शांत मन से संसद चलने देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि SIR पर चर्चा होगी या नहीं, इसका निर्णय व्यापार सलाहकार समिति (BAC) लेगी।
विपक्ष बैठक सिर्फ औपचारिकता
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बैठक को “औपचारिकता” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने छोटे सत्र में 13 बिल लाए जा रहे हैं, जिनमें से 10 की ठीक से समीक्षा भी नहीं हुई है। कांग्रेस के गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं को दबा रही है।
SP और वामदलों ने कड़ा रुख दिखाया
रामगोपाल यादव ने कहा कि अगर SIR पर चर्चा नहीं हुई, तो उनकी पार्टी सत्र नहीं चलने देगी। उन्होंने दावा किया कि कई बीएलओ ने वोट हटाने के दबाव में आत्महत्या तक कर ली। माकपा नेताओं ने भी कहा कि संसद बाधित हुई तो जिम्मेदारी सरकार की होगी।
सोमवार को मीडिया से बात करेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार सुबह 10 बजे मीडिया को संबोधित करेंगे। सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें स्वास्थ्य सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर और जीएसटी संशोधन जैसे बिल पेश किए जाएंगे।
Saurabh Dwivedi



