US Sanctions: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान युद्ध के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के समर्थन नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। वाशिंगटन ने भारत, चीन, रूस और ईरान में स्थित छह कंपनियों और व्यक्तियों पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। अमेरिका ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आईआरजीसी और उसकी पसंदीदा एयरलाइन महान एयर (Mahan Air) को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी प्रकार की सहायता देना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महान एयर और फ्रंट कंपनियों पर गंभीर आरोप
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई आईआरजीसी की सैन्य और आतंकवादी गतिविधियों की कमर तोड़ने के उद्देश्य से की गई है। ट्रेजरी विभाग का आरोप है कि महान एयर आईआरजीसी-कुद्स फोर्स के लिए सैन्य कर्मियों की यात्रा, हथियार, ड्रोन सिस्टम की खरीद और परिवहन जैसी सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध करा रही है।
दादनेगर स्टार्टअप स्टूडियो पर शिकंजा
इस कार्रवाई में दादनेगर स्टार्टअप स्टूडियो को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है। यह आईआरजीसी से जुड़ी एक फ्रंट कंपनी है, जो मध्य पूर्व में अमेरिकी और इजरायली परिसंपत्तियों तथा सैन्य कर्मियों की लोकेशन ट्रैकिंग और लक्ष्य निर्धारण में मदद करती थी।
'आतंकवादी उद्यम' को समर्थन देना बर्दाश्त नहीं
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि किसी भी व्यक्ति या कंपनी द्वारा इस नेटवर्क को वित्तीय या व्यावसायिक सेवाएं प्रदान करना दरअसल एक 'आतंकवादी उद्यम' को जिंदा रखने और उसे मजबूत करने के बराबर है। अमेरिका ऐसे सभी सहयोगियों को बेनकाब करने और उनके कारोबार को बाधित करने का प्रयास जारी रखेगा।
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हुए कहा कि महान एयर या किसी अन्य प्रतिबंधित ईरानी एयरलाइन से व्यापार करने वाली कंपनियां इस खतरे की गंभीरता को समझें। जो भी संस्था आईआरजीसी को उपकरण, तकनीक या जानकारी मुहैया कराकर अमेरिकी व सहयोगी देशों की सुरक्षा को खतरे में डालेगी, उसे भारी आर्थिक और कानूनी कीमत चुकानी पड़ेगी।
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Written by Shailesh Yadav