Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग अब एक बेहद गंभीर और नए मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर तकनीक देने और देश के भीतर इसके निर्माण की अनुमति से इनकार करने के महज कुछ ही घंटों भीतर रूस ने यूक्रेन पर भीषण हवाई हमला बोल दिया। रूस के इस अचानक और बड़े हमले के जवाब में यूक्रेन ने भी काला सागर में बड़ी कार्रवाई करते हुए रूस के एक विशाल मालवाहक जहाज को डुबोने का दावा किया है।
ट्रंप के यू-टर्न से बैकफुट पर यूक्रेन
हाल ही में हुए नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए थे कि यूक्रेन को देश के भीतर पैट्रियट मिसाइलें बनाने की तकनीक दी जा सकती है। हालांकि, कैंप डेविड में आयोजित अपनी कैबिनेट बैठक में ट्रंप ने अपने रुख से पीछे हटते हुए स्पष्ट किया कि इतनी संवेदनशील तकनीक किसी अन्य देश को सौंपना आसान नहीं है और सुरक्षा जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस फैसले से यूक्रेन को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि पैट्रियट सिस्टम ही उसकी हवाई सुरक्षा का मुख्य आधार रहा है।
27 बैलिस्टिक मिसाइलों से तबाही, सिर्फ 1 को रोक सका यूक्रेन
ट्रंप के ऐलान के तुरंत बाद रूसी सेना ने रातभर में 27 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। राजधानी कीव के अलावा सूमी, खारकीव और पोल्टावा क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी के कारण यूक्रेनी एयर डिफेंस सिस्टम 27 में से केवल 1 मिसाइल को ही हवा में मार गिरा सका। हमले में 9 लोगों की मौत हो गई और 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। बचाव कार्य में जुटे एक 22 वर्षीय पुलिसकर्मी की भी दूसरी मिसाइल की चपेट में आने से जान चली गई। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने निराशा जताते हुए कहा कि इंटरसेप्टर मिसाइलों के खत्म होने की वजह से ही रूस इतनी आसानी से निर्दोष लोगों को निशाना बना रहा है। उन्होंने पश्चिमी देशों से अपील की कि पैट्रियट सिस्टम को गोदामों में बंद रखने के बजाय तुरंत यूक्रेन भेजा जाए।
1 लाख टन क्षमता वाला 'यानिना' डूबा
रूसी हमले के तुरंत बाद यूक्रेन की नौसेना ने काला सागर में बड़ी कार्रवाई की। यूक्रेन ने स्वदेशी 'मिडिल-स्ट्राइक' हथियारों और नेवल ड्रोन का इस्तेमाल कर रूस के 1 लाख टन क्षमता वाले प्रतिबंधित कंटेनर जहाज 'यानिना' (Yanina) को निशाना बनाया और उसे समुद्र में डुबो दिया। रूस की सरकारी परमाणु कंपनी 'रोसाटॉम' ने नोवोरोसिस्क बंदरगाह से लगभग 130 नॉटिकल मील दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जहाज के डूबने की पुष्टि की है। रूस ने इसे 'समुद्री डकैती' करार देते हुए कहा कि जहाज पर केवल असैन्य सामग्री (जैसे फ्रोजन फूड और निर्माण सामग्री) थी। हालांकि, जहाज पर मौजूद सभी 17 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बयान जारी कर कहा कि यूक्रेनी सेना अब रूस की 'वॉर मशीन' को ऊर्जा देने वाले हर संसाधन और ठिकाने पर सीधा प्रहार करेगी।
और पढे़ं:
क्या अमर होना चाहते हैं राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन? रूस की रिसर्च ने दुनिया को चौंकाया
Written By Shailesh Yadav