Shivraj Singh Chouhan Bihar News: बिहार के गरीब परिवारों के लिए केंद्र सरकार की ओर से बड़ा ऐलान किया गया है। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के 11 लाख से ज्यादा परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के घरों को मंजूरी देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बिहार की कोई भी गरीब बहन अब कच्चे मकान में नहीं रहेगी।

पटना के बापू सभागार में हुए कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नए पीएम आवासों की स्वीकृति से जुड़े दस्तावेज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंपे। कार्यक्रम में लाभुक परिवारों को उनके तैयार पक्के मकानों की चाबी भी दी गई। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे करीब 2 लाख 35 हजार लाभुकों को इस दौरान मकान की चाबी सौंपी गई।

11.18 लाख नए आवासों को मिली मंजूरी

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार में 11 लाख 18 हजार प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि आवास योजना के तहत सर्वे में अगर कोई पात्र परिवार अभी भी छूट गया है तो उसे भी आगे पक्का मकान उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गरीब परिवारों को बेहतर और सुरक्षित आवास मिल सके। उन्होंने खास तौर पर ग्रामीण इलाकों की महिलाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अब किसी गरीब बहन को कच्चे मकान में रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

जीविका दीदियों के लिए बनेगा 'भारत सरकार हाट'

कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि जीविका दीदियों द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार 'भारत सरकार हाट' बनाएगी।इन हाटों के जरिए स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म मिल सकेगा। इससे ग्रामीण महिलाओं की आमदनी बढ़ाने और उनके उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

CM सम्राट चौधरी ने केंद्र से किया खास आग्रह

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बड़े हाट बनाने में सहयोग देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री का कहना है कि ऐसे बाजार विकसित होने से जीविका दीदियों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए बड़ा बाजार मिल सकता है।उन्होंने इस पहल को ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में उपयोगी बताया।

Written By: Shivashakti Narayan Singh