केरल से CPI (M) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने भाजपा की सुष्मिता देव की भाषा शैली पर सवाल उठाए हैं। भाजपा की सुष्मिता देव ने राज्यसभा में चर्चा के दौरान उन्हें "लुंगीवाला" कहा था। विपक्षी सांसदों ने इसे दक्षिण भारतीय संस्कृति पर हमला बताया। लेकिन भाजपा सांसद सुष्मिता देव ने "लुंगीवाला" शब्द का इस्तेमाल करने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि, उन्होंने किसी भी राज्य के पहनावे पर कोई टिप्पणी नहीं की थी।
सांसद जॉन ब्रिटास ने रखी अपनी बात
सांसद सुष्मिता देव को राज्यसभा में उस समय हंगामे का सामना करना पड़ा। जब सीपीआई- एम सांसद ने उनके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया। CPI सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि सुष्मिता देव सदन में उनके पीछे वाली सीट पर गई। जब वह आयकर (संशोधन) अध्यादेश पर एक प्रस्ताव पेश कर रहे थे तो बार-बार उन्हें बाधित किया गया। जॉन ब्रिटास ने यह भी कहा कि, "वह मुझे बार-बार 'लुंगीवाला' कहकर बुला रही थी । मैंने धोती पहनी हुई थी। मुझे मलयाली और दक्षिण भारतीय होने पर गर्व है। ये भारतीय संस्कृति का हिस्सा हैं। इस तरह की अपमानजनक टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं हैं।
सुष्मिता देव का स्पष्टीकरण
सांसद सुष्मिता देव ने खुद पर लगे आरोपों को लेकर अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि, उन्होंने किसी भी राज्य की पोशाक पर कोई आशय नहीं और वह ब्रिटास को लंबे समय से जानती थीं। मैने विभिन्न राज्यों में अलग-अलग तरह के कपड़े पहने हुए लोगों को देखा है। न तो मैंने और न ही किसी अन्य सदस्य ने किसी राज्य के पहनावे पर कोई आपत्ति जताई है। राज्यसभा को यह संदेश नहीं देना चाहिए कि कोई सदस्य संस्कृति या धर्म के आधार पर भारत को विभाजित करना चाहता है। सुष्मिता देव ने ब्रिटास पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने उनके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव भी पेश किया है। उन्होंने खुद को बचाते हुए कहा कि- मैंने ' लुंगीवाला' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी।"
भाजपा ने दी अपनी प्रतिक्रिया
लुंगीवाला टिप्पणी मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने ऐसी टिप्पणियों के समर्थन में सहमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि सांसद सुष्मिता देव को बोलने की अनुमति देनी चाहिए। हम इसे लुंगी नहीं धोती कहते हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन की गरिमा बनाए रखने का आव्हान किया।
Written By: MADHVI TANWAR