आज के समय में सोशल मीडिया पर AI की मदद से फोटो और वीडियो बनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। लोग अपनी जिंदगी के खास पल, तस्वीरें और वीडियो लगातार ऑनलाइन साझा करते हैं, लेकिन इसी के साथ एक नई समस्या भी सामने आई है। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का गलत इस्तेमाल करके कुछ लोग महिलाओं की तस्वीरों और वीडियो को एडिट कर फर्जी और आपत्तिजनक कंटेंट तैयार कर रहे हैं। इस तरह की तकनीक से बनाए गए फेक फोटो और वीडियो को “डीपफेक” कहा जाता है। कई मामलों में इनका उपयोग ब्लैकमेल करने, बदनाम करने या सोशल मीडिया पर गलत तरीके से फैलाने के लिए किया जा रहा है। इससे प्रभावित महिलाओं को मानसिक तनाव, डर और सामाजिक बदनामी जैसी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

AI का गलत इस्तेमाल कैसे बन रहा है समस्या?

AI तकनीक जहां एक तरफ काम को आसान बना रही है, वहीं कुछ लोग इसका दुरुपयोग भी कर रहे हैं। इंटरनेट पर मौजूद कई टूल्स की मदद से किसी भी तस्वीर को कुछ ही मिनटों में बदलकर नकली वीडियो या फोटो बनाया जा सकता है। अपराधी अक्सर सोशल मीडिया से महिलाओं की तस्वीरें डाउनलोड करके उन्हें एडिट करते हैं और फिर धमकी या ब्लैकमेल के लिए इस्तेमाल करते हैं। कई बार डराने के लिए यह भी कहा जाता है कि फर्जी तस्वीरें वायरल कर दी जाएंगी। इससे डिजिटल दुनिया महिलाओं के लिए असुरक्षित महसूस होने लगती है।

इसका महिलाओं पर असर

इस तरह की हरकतों का असर सिर्फ ऑनलाइन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। जिन महिलाओं के साथ ऐसा होता है, उनका आत्मविश्वास कम होने लगता है और वे तनाव, चिंता और डर का शिकार हो सकती हैं। कई लोग इसे हल्के में लेते हैं, लेकिन पीड़ित व्यक्ति के लिए यह एक गंभीर मानसिक आघात जैसा होता है। कुछ महिलाएं सोशल मीडिया से दूरी बनाने लगती हैं और लोगों पर भरोसा करने में भी हिचकिचाने लगती हैं।

AI आधारित डिजिटल उत्पीड़न से कैसे बचें?

इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल सावधानी से करना जरूरी है। अपनी निजी तस्वीरें या वीडियो साझा करते समय सोच-समझकर निर्णय लें। किसी भी अनजान ऐप या वेबसाइट पर फोटो अपलोड करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जरूर जांचें। अपने सोशल मीडिया अकाउंट को प्राइवेट रखें ताकि अनजान लोग आपकी सामग्री तक न पहुंच सकें। अगर कोई व्यक्ति आपकी फर्जी तस्वीर या वीडियो बनाकर परेशान करे, तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल या पुलिस में शिकायत करें। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट और ब्लॉक जैसे फीचर्स का इस्तेमाल करें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ऐसी किसी भी स्थिति में चुप रहने के बजाय अपने परिवार या भरोसेमंद लोगों से बात करना जरूरी है, ताकि समय रहते सही कदम उठाया जा सके और नुकसान से बचा जा सके।

Written By Toshi Shah