केंद्रीय कपड़ा मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह (Giriraj Sing) द्वारा AIMIM प्रमुख Asaduddin Owaisi को लेकर दिए गए बयान ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। गिरिराज सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि “आज नहीं तो कल ओवैसी यह स्वीकार करेंगे कि वे हिंदू हैं।” उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब देश बेरोजगारी, महंगाई, NEET पेपर लीक और बिहार के विकास जैसे अहम मुद्दों से जूझ रहा है, तब नेताओं द्वारा धार्मिक और सांप्रदायिक बयानबाजी क्यों की जा रही है।

असदुद्दीन ओवैसी ने गिरिराज सिंह के बयान पर दिया प्रतिक्रिया

इस विवाद के बीच असदुद्दीन ओवैसी ने सीधे तौर पर गिरिराज सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देने से बचते हुए देश के कपड़ा उद्योग की समस्याओं को मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि सूती धागे यानी कॉटन यार्न की लगातार बढ़ती कीमतों ने पावरलूम और छोटे बुनकरों की स्थिति कमजोर कर दी है। ओवैसी ने वाराणसी, सूरत, मालेगांव और मुबारकपुर जैसे प्रमुख टेक्सटाइल केंद्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां हजारों छोटे व्यापारी और कामगार आर्थिक दबाव झेल रहे हैं।

ओवैसी ने कही ये बात

ओवैसी के अनुसार बाजार में कपड़ों की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन कच्चे माल की लागत तेजी से बढ़ रही है। इसका असर छोटे उद्योगों पर साफ दिखाई दे रहा है और कई पावरलूम इकाइयां बंद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं, उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि कॉटन यार्न के निर्यात पर नियंत्रण लगाया जाए ताकि घरेलू बाजार में कीमतों को संतुलित रखा जा सके। साथ ही, कच्चे कपास पर लगने वाली आयात शुल्क हटाने की भी मांग की, जिससे उद्योग को राहत मिल सके।

ओवैसी ने गिरिराज पर साधा निशाना

ओवैसी ने रेडीमेड गारमेंट और टेक्सटाइल सेक्टर को निर्यात प्रोत्साहन देने की जरूरत बताई। ओवैसी ने यह भी कहा कि चीन से आने वाले सस्ते सामान के कारण भारतीय उद्योग प्रभावित हो रहा है, इसलिए घरेलू कारोबार को बचाने के लिए चीन पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई जानी चाहिए, उन्होंने सरकार को याद दिलाया कि सार्वजनिक पद पर रहते हुए लिए गए शपथ और “शुद्ध अंतःकरण” जैसे शब्दों का सम्मान बनाए रखना जरूरी है।

Written By Toshi Shah