सुबह की शुरुआत अक्सर एक कप चाय के साथ होती है। यह सिर्फ एक पेय नहीं बल्कि दिन की ताजगी और आराम का हिस्सा बन चुकी है। ऑफिस की भागदौड़ हो या घर पर सुकून के कुछ पल चाय ज्यादातर लोगों की दिनचर्या में शामिल रहती है। लेकिन सवाल यह है कि सेहत के लिहाज से दूध वाली चाय बेहतर है या बिना दूध वाली यानी ब्लैक टी?
दूध वाली और बिना दूध वाली चाय में अंतर
दूध वाली चाय चायपत्ती, पानी, दूध और अक्सर चीनी मिलाकर बनाई जाती है। इसका स्वाद गाढ़ा और मीठा होता है। दूसरी ओर, ब्लैक टी सिर्फ चायपत्ती और पानी से तैयार की जाती है, जिसमें न दूध होता है और न ही अतिरिक्त कैलोरी। इसी वजह से इसे हल्का और अपेक्षाकृत हेल्दी माना जाता है।
दूध वाली चाय के प्रभाव
दूध वाली चाय में मौजूद दूध कैल्शियम, प्रोटीन और कुछ जरूरी पोषक तत्व देता है, जो हड्डियों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। लेकिन जब इसमें चीनी और ज्यादा दूध मिलाया जाता है, तो इसकी कैलोरी और फैट बढ़ जाता है, जिससे वजन बढ़ने की संभावना रहती है। इसके अलावा, दूध और चाय में मौजूद टैनिन मिलकर कुछ लोगों में पाचन को धीमा कर सकते हैं, जिससे गैस या एसिडिटी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। कुछ शोध यह भी बताते हैं कि दूध चाय में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स के असर को कुछ हद तक कम कर सकता है।
ब्लैक टी के फायदे
ब्लैक टी में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे कैटेचिन और फ्लेवोनॉयड्स पाए जाते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने और सूजन कम करने में मदद करते हैं।
इसके नियमित सेवन से:
* वजन नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है
* दिल और रक्तचाप पर सकारात्मक असर पड़ सकता है
* कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित रखने में सहायता मिलती है
* पाचन तंत्र को हल्का और बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है
* इम्यून सिस्टम को सपोर्ट मिलता है
कौन सी चाय बेहतर है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय के अनुसार, ब्लैक टी को सेहत के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है, खासकर उन लोगों के लिए जो वजन नियंत्रित रखना या दिल की सेहत का ध्यान रखना चाहते हैं। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी अपेक्षाकृत सुरक्षित मानी जाती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि दूध वाली चाय पूरी तरह नुकसानदायक है। अगर इसे सीमित मात्रा में और कम चीनी के साथ लिया जाए, तो यह स्वाद और कुछ पोषण दोनों दे सकती है।
Written By Toshi Shah