UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज होने लगी हैं। सत्ताधारी बीजेपी ने शुरुआती दौर में ही चुनावी अभियान को धार देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार प्रदेशभर के दौरे कर संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर सक्रिय नजर आ रहे हैं। बीते 45 दिनों में उन्होंने पूर्वांचल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड समेत सभी 18 मंडलों का दौरा पूरा कर लिया है। इस दौरान 100 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में उनकी मौजूदगी दर्ज हुई।
45 दिनों में पूरा किया 18 मंडलों का दौरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले डेढ़ महीने में बिजनौर, गाजियाबाद, आगरा, झांसी, वाराणसी, गोरखपुर समेत प्रदेश के सभी प्रमुख क्षेत्रों का दौरा किया। इन दौरों में उन्होंने विकास परियोजनाओं की समीक्षा, कानून-व्यवस्था की बैठकें, जनता दर्शन, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें तथा संगठनात्मक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। बीजेपी इसे सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय के साथ जनसंपर्क मजबूत करने की रणनीति के तौर पर पेश कर रही है।
कार्यकर्ताओं में बढ़ा उत्साह
लगातार हो रहे इन दौरों का असर पार्टी संगठन पर भी दिखाई दे रहा है। विभिन्न जिलों में मुख्यमंत्री की मौजूदगी से कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा है। पार्टी संगठन विधानसभा चुनाव से पहले बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की कोशिश में जुटा है।
विपक्ष की सक्रियता पर उठ रहे सवाल
राजनीतिक गतिविधियों की तुलना करें तो विपक्ष फिलहाल अपेक्षाकृत कम सक्रिय नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की आखिरी बड़ी सार्वजनिक रैली मार्च में दादरी में हुई थी। वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश में अपनी पिछली बड़ी रैली पिछले वर्ष 9 अक्टूबर को की थी। हालांकि, चुनाव में अभी समय बाकी है और आने वाले महीनों में सभी दल अपने अभियान को और तेज कर सकते हैं।
शुरुआती बढ़त, लेकिन मुकाबला अभी बाकी
चुनावी माहौल बनने के साथ बीजेपी ने जनसंपर्क और संगठनात्मक सक्रियता के जरिए शुरुआती बढ़त बनाने की कोशिश की है। हालांकि, विधानसभा चुनाव 2027 में अभी कई महीने शेष हैं। ऐसे में आने वाले समय में विपक्ष भी अपनी रणनीति और प्रचार अभियान को गति दे सकता है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि चुनावी मुकाबला तेज होने के साथ जनता किसके अभियान और मुद्दों को अधिक समर्थन देती है। शुरुआती दौर में बीजेपी ने अपनी सक्रियता का संदेश जरूर दिया है, लेकिन अंतिम फैसला चुनाव के दौरान मतदाताओं के रुख से ही तय होगा।
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Written By Shailesh Yadav