Bharat Tiwari Encounter Case: बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भरत तिवारी पर गोली चलाने वाले STF जवान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी जवान को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह वही जवान है, जिस पर भरत तिवारी की मां ने अपने बेटे की हत्या का आरोप लगाया था।
परिवार के आरोप के बाद हुई कार्रवाई
भरत तिवारी की मां लगातार इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रही थीं। उनका आरोप था कि सरेंडर की स्थिति में होने के बावजूद उनके बेटे को गोली मारी गई। अब गोली चलाने वाले STF जवान की गिरफ्तारी को मामले की जांच में अहम कदम माना जा रहा है।
हाल ही में मुख्यमंत्री ने परिजनों से की थी मुलाकात
हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की। सरकार ने एनकाउंटर के समय जगदीशपुर के एसडीपीओ रहे राजेश कुमार शर्मा को पुलिस मुख्यालय वापस भेज दिया। उन्हें हाल ही में मद्य निषेध विभाग में डीएसपी बनाया गया था। इसके अलावा जगदीशपुर के एसडीओ संजीत कुमार का भी तबादला कर उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग में भेज दिया गया। मामले में उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी 26 वर्षीय भरत भूषण तिवारी 17 जून 2026 को कथित पुलिस एनकाउंटर में घायल हुए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। भोजपुर पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया था कि पुलिस टीम ने आत्मरक्षा और अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए गोली चलाई थी, जो भरत तिवारी के पैर में लगी। वहीं, परिवार और ग्रामीणों का आरोप है कि भरत तिवारी ने फेसबुक लाइव के दौरान हथियार फेंककर आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें गोली मारी गई। इस दावे के बाद एनकाउंटर की वैधता पर सवाल उठे और मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया।
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— TNP NEWS (@TNPNEWS1) July 31, 2026
न्याय की मांग ने पकड़ा था जोर
भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बिहार ही नहीं, देशभर में बहस छिड़ गई थी। विपक्षी दलों के साथ-साथ बीजेपी के कुछ नेताओं ने भी एनकाउंटर की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। अब STF जवान की गिरफ्तारी के बाद इस चर्चित मामले की जांच नए चरण में पहुंच गई है। हालांकि, एनकाउंटर की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
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Written By Shailesh Yadav