Uttarakhand Rain News: उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ से लेकर मैदान तक नदियां-नाले उफान पर हैं और भूस्खलन की वजह से राज्यभर में 91 सड़कें बंद हो चुकी हैं। भारी बारिश और लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए केदारनाथ यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है।
केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन, फंसे 850 यात्री
सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच मुनकटिया में मलबा आने तथा पहाड़ी से लगातार बोल्डर गिरने की वजह से केदारनाथ हाईवे पूरी तरह बाधित हो गया है। केदारनाथ पैदल मार्ग (छौड़ी, जंगलचट्टी, चीरबासा) पर भी भूस्खलन हो रहा है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने केदारनाथ से लौट रहे लगभग 600 यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका है, जबकि 250 श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग में ठहराया गया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के अनुसार, मौसम साफ होते ही मार्ग खोलकर आवाजाही शुरू कराई जाएगी।
हादसे और नुकसान
क्लेमनटाउन के नई बस्ती क्षेत्र में बारिश के बाद उफनाए नाले में बहने से दो मासूम बहनों लक्ष्मी (7 वर्ष) और सोनाक्षी (3 वर्ष) की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों के शव रैंप के नीचे से बरामद किए गए। खड़खड़ी स्थित सूखी नदी के उफान पर आने से रपटे पर खड़ी दो कारें पानी के तेज बहाव में बह गईं।
यमुनोत्री हाईवे पर पेड़ और पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ, वहीं कुमाऊं के तवाघाट-लिपुलेख हाईवे पर मल्लघाट के पास 9 घंटे तक रास्ता बंद रहा। ज्योतिर्मठ के किमाणा गांव में पहाड़ी दरकने से 7 घरों में मलबा घुस गया है और चंडिका मंदिर की सुरक्षा दीवार टूट गई है। गांव में पेयजल संकट भी गहरा गया है।
⏩केदारनाथ यात्रा मार्ग पर फिर भूस्खलन हुआ
— TNP NEWS (@TNPNEWS1) July 31, 2026
⏩गौरीकुंड के पास पैदल मार्ग पूरी तरह बंद#Kedarnath #Landslide #Uttarakhand #KanwarYatra #BreakingNews #tnpnews pic.twitter.com/Qnmu7UlHdn
8 जिलों में फ्लैश फ्लड और भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के 8 जिलों देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) की चेतावनी जारी की है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
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Written by shailesh Yadav