UP Assembly Elections 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पूर्वांचल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बागी नेता भरत सिंह ने पार्टी से आधिकारिक इस्तीफा देकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) का दामन थाम लिया है। बसपा ने उन्हें मऊ जिले की हाई-प्रोफाइल मधुबन विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है।

गांधी मैदान में बसपा का बड़ा शक्ति प्रदर्शन
मऊ के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित एक विशाल जनसभा के दौरान बसपा के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में भरत सिंह को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। बसपा के पूर्वांचल प्रभारी व पूर्व एमएलसी दिनेश चंद्रा और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर ने रविवार को उन्हें बसपा में शामिल कराया। इसके तुरंत बाद दिनेश चंद्रा ने मंच से भरत सिंह को मधुबन सीट का बसपा प्रभारी व प्रत्याशी घोषित किया।

सभा को संबोधित करते हुए भरत सिंह ने कहा कि 2027 में मधुबन की जनता निश्चित रूप से सत्ता परिवर्तन करेगी।" रैली में उमड़ी हजारों समर्थकों की भीड़ को चुनाव से पहले बसपा के बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।

बीजेपी पर उपेक्षा और टिकट न देने का आरोप
बसपा में शामिल होने के बाद भरत सिंह ने बीजेपी नेतृत्व और उसकी टिकट वितरण प्रणाली पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए काम करने के बावजूद उनके साथ अन्याय हुआ। 2017 के चुनाव से ही लगातार मेहनत करने और संसाधन लगाने के बाद भी उन्हें पार्टी का टिकट नहीं दिया गया। लंबे समय से उपेक्षित महसूस करने के बाद आखिरकार उन्होंने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ बीजेपी का साथ छोड़ने का फैसला किया।

कौन हैं भरत सिंह उर्फ 'भरत भैया'?
भरत सिंह (भरत भैया) राजपूत समुदाय से आते हैं और मऊ जिले की मधुबन विधानसभा में काफी प्रभावशाली माने जाते हैं। राजपूत बाहुल्य और क्षेत्रीय राजनीतिक पकड़ के कारण उनके बसपा में आने से मधुबन सीट पर नया राजनीतिक समीकरण बनता दिख रहा है। भरत सिंह के इस कदम से मऊ की राजनीति में गर्माहट आ गई है और बीजेपी के लिए मधुबन सीट पर अपनी स्थिति बनाए रखना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। 

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 Written by Shailesh Yadav