बलूचिस्तान। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के खुजदार शहर में जारी लॉकडाउन को लेकर पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि प्रतिबंध हटा दिए गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, खुजदार पुलिस प्रशासन ने कहा कि लॉकडाउन हटाए जाने की खबरें "पूरी तरह निराधार और झूठी" हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में लगाए गए प्रतिबंध अगले आदेश तक जारी रहेंगे।

रात 8 बजे से सुबह 10 बजे तक लॉकडाउन लागू

प्रशासन के मुताबिक, खुजदार में हर दिन रात 8 बजे से सुबह 10 बजे तक लॉकडाउन लागू रहेगा। अधिकारियों ने व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें।

रिपोर्ट के अनुसार, बलूचिस्तान में सुरक्षा कारणों को देखते हुए हाल के दिनों में ये प्रतिबंध लागू किए गए हैं। लोगों को तय समय पर दुकानें बंद करने और प्रतिबंधित घंटों के दौरान घरों में रहने के निर्देश दिए गए हैं।

सुराब, कलात, मस्तुंग और नुश्की में कर्फ्यू

खुजदार के अलावा बलूचिस्तान के कई अन्य जिलों में भी इसी तरह के सुरक्षा प्रतिबंध लगाए गए हैं। सुराब, कलात, मस्तुंग और नुश्की में कर्फ्यू लगाया गया है, जहां बाजार बंद रखने और शाम के समय लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है।

वहीं तुर्बत और क्वेटा में प्रशासन ने धारा 144 लागू की है, जिसके तहत कई प्रतिबंधों के साथ दोपहिया वाहनों पर पीछे बैठकर यात्रा करने (पिलियन राइडिंग) पर भी रोक लगाई गई है।

इससे पहले पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस कार्यक्रमों के दौरान 14 अगस्त को पूरे बलूचिस्तान में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गई थीं।

बलूचिस्तान में सुरक्षा और मानवाधिकारों को लेकर चिंताएं

बलूचिस्तान में लंबे समय से सुरक्षा स्थिति और मानवाधिकारों को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। क्षेत्र में कथित जबरन गायब किए जाने (Enforced Disappearances) के मामलों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। कुछ लोगों के रिहा होने की खबरें सामने आई हैं, जबकि कई अन्य अब भी लंबे समय से हिरासत में होने या कथित लक्षित हत्याओं का शिकार होने के आरोप लगाए जाते हैं।

जबरन गायब किए जाने के मामलों पर चिंता

मानवाधिकार संगठनों ने बलूचिस्तान में जबरन गायब किए जाने के मामलों पर चिंता जताई है और इसे पाकिस्तान की सबसे गंभीर मानवाधिकार चुनौतियों में से एक बताया है।


यह भी पढ़ें:  इजरायल का दावा- दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह का वरिष्ठ कमांडर अबू हसन अला मारा गया


लापता लोगों के परिवार लगातार अपने प्रियजनों की स्थिति और जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों ने क्षेत्र में असुरक्षा और अविश्वास की स्थिति को और बढ़ा दिया है।

Written By: Pradeep Singh