Vande Mataram Controversy: कांग्रेस द्वारा ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो छंद गाने के फैसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस के इस निर्णय को ‘देशविरोधी’ बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी एक बार फिर तुष्टीकरण की राजनीति को आगे बढ़ा रही है। तमिलनाडु के चेंगलपट्टू में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए अमित शाह ने कांग्रेस के कार्यसमिति के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 1937 के अपने प्रस्ताव का अनुसरण करते हुए ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो छंद गाने का निर्णय लिया है।

अमित शाह का कांग्रेस पर बड़ा आरोप
अमित शाह ने आरोप लगाया कि 1937 में कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए ‘वंदे मातरम्’ को दो हिस्सों में बांटने का फैसला किया था और इसी से देश के विभाजन की नींव मजबूत हुई। उन्होंने कहा कि इसके बाद द्विराष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली और अंततः भारत का विभाजन हुआ तथा पाकिस्तान का जन्म हुआ। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन की भावनाओं से जुड़ी रचना है। लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने इसके नारे लगाते हुए संघर्ष किया और बलिदान दिया।

‘मोदी सरकार ने ऐतिहासिक गलती सुधारने की कोशिश की’
गृह मंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर नरेंद्र मोदी सरकार ने कथित ऐतिहासिक गलती को सुधारने का प्रयास किया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की इस अमर रचना के पूर्ण गायन और सरकारी कार्यक्रमों में इसके इस्तेमाल को लेकर निर्णय लिया है। अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस निर्णय की अवहेलना कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह कदम उसकी तुष्टीकरण की नीति को दिखाता है।

‘वोट बैंक की राजनीति अब नहीं चलेगी’
अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी एक बार फिर वोट बैंक की राजनीति को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने देशवासियों से कांग्रेस के फैसले के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश पहले ‘वंदे मातरम्’ को लेकर विभाजन की गलती के परिणाम भुगत चुका है और अब ऐसी राजनीति स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। भाजपा ने कांग्रेस के फैसले की निंदा की है।

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में जुटे नेता
चेंगलपट्टू में अमित शाह ने दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने केंद्रीय गृह मंत्री का सम्मान किया। दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना के अलावा पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप शामिल हैं। 

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Written by Shailesh Yadav