Jairam Ramesh on Centre Government: कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने शनिवार को महंगाई और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण महंगाई ने आम आदमी और मध्यम वर्ग के घरेलू बजट पर गंभीर असर डाला है।

रमेश ने कहा कि आटा, चावल, चीनी, तेल और मसालों जैसी रसोई की जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ने से लोगों की थाली प्रभावित हो रही है। उन्होंने दावा किया कि आमदनी सीमित रहने के बावजूद परिवारों का मासिक खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे मध्यम वर्ग के लिए घरेलू बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है।

जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों का मुद्दा

कांग्रेस नेता ने अपने पोस्ट में विभिन्न वस्तुओं की कीमतों में कथित बढ़ोतरी का आंकड़ा भी साझा किया। उनके अनुसार, आटा ₹32 से बढ़कर ₹40 प्रति किलो, चावल ₹42 से ₹54 प्रति किलो और जीरा ₹180 से ₹380 प्रति किलो तक पहुंच गया है। उन्होंने हल्दी, सरसों के तेल, मूंगफली के तेल और रिफाइंड तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी का दावा किया।

रमेश ने यह भी कहा कि चीनी की कीमत केवल दो महीनों में करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ गई है। उनके मुताबिक, महंगाई का असर केवल खाद्य पदार्थों तक सीमित नहीं है, बल्कि साबुन, डिटर्जेंट, टूथपेस्ट और बिस्कुट जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं के साथ-साथ टायर और कारों की कीमतों पर भी पड़ रहा है।

सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

जयराम रमेश ने बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार की कथित चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने सरकार को “अहंकारी” और “बेपरवाह” बताते हुए आरोप लगाया कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ता घरेलू खर्च आम नागरिकों के लिए आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है।

E20 पेट्रोल को लेकर भी निशाना

रमेश ने 20 प्रतिशत इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल यानी E20 को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के फैसलों का असर जनता की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है और लोगों को महंगे भोजन के साथ यात्रा के बढ़ते खर्च का भी सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण आम लोगों पर दोहरा आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र से महंगाई पर प्रभावी कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि जनता बढ़ती कीमतों और अपने सीमित बजट के बीच लगातार जूझ रही है। हालांकि, रमेश द्वारा बताए गए कीमतों के आंकड़े उनके राजनीतिक आरोपों का हिस्सा हैं और इन्हें स्वतंत्र आधिकारिक आंकड़ों के साथ अलग से सत्यापित किया जाना चाहिए। उनके बयानों से स्पष्ट है कि कांग्रेस आने वाले समय में महंगाई और E20 जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति पर जोर दे रही है।