सोमवार, 20 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने जा रहा है। वहीं इस सत्र के दौरान हंगामा होने की संभावना जताई जा रही है। संसद में विपक्षी दल राम मंदिर चढ़ावा चोरी, नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। इसी कड़ी में बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सत्र से पहले एक अपील की है। उन्होंने कहा कि सदन को हंगामा और स्थगन से बचाकर देश की समस्याओं पर चर्चा करनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट

साथ ही मायावती ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया। पोस्ट में लिखा,20 जुलाई से मानसून सत्र शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार भी सत्र हंगामे और स्थगन आदि की भेंट चढ़ जाएगा। हालांकि महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, महिला असुरक्षा और पेपर लीक जैसे देश के मुद्दों से उत्पन्न आक्रोश एवं आंदोलित माहौल को शांत करने के लिए गंभीरता दिखाना चाहिए।

राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठाए सवाल

बसपा प्रमुख मायावती ने देश के विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, हेराफेरी और गबन के आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले ने उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में जन आक्रोश पैदा किया है। उनके अनुसार, लोग राजनीतिक स्वार्थ के लिए धर्म का उपयोग करने वालों से जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संसद के आगामी मानसून सत्र में यह मुद्दा प्रमुखता से उठ सकता है और पूरे देश की नजर इस पर रहेगी।

महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार पर जताई चिंता

मायावती ने अपने बयान में विभिन्न राज्यों से जुड़े कई अन्य मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद की स्थिति, राजस्थान में सरकारी लापरवाही के कारण गर्भवती महिलाओं की मौत, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, सरकारी योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार, चुनावी रेवड़ियों में अनियमितताओं तथा कॉलोनियों के ध्वस्तीकरण जैसे मामलों पर चिंता जताई। उनका कहना था कि इन मुद्दों पर सरकारों को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए और आम जनता को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

वैश्विक हालात और अर्थव्यवस्था पर चिंता

बसपा प्रमुख ने अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव तथा भारतीय रुपये के गिरते मूल्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है। महंगाई और आर्थिक चुनौतियों के बीच आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है, जिसे दूर करने के लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर समाधान तलाशना चाहिए।

संसद के शांतिपूर्ण संचालन की अपील

मायावती ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से राजनीतिक द्वेष, व्यक्तिगत स्वार्थ और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से ऊपर उठने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों को देखते हुए सभी दलों को एकजुट होकर जनहित में काम करना चाहिए। उनका मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो देश की लगभग 140 करोड़ आबादी, विशेषकर बहुजन समाज, को और अधिक कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।

'संसद का मानसून सत्र बिना किसी हंगामे के संचालित होना चाहिए'

उन्होंने अंत में कहा कि संसद का मानसून सत्र बिना किसी अनावश्यक टकराव, उत्तेजना या हंगामे के लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप शांतिपूर्ण ढंग से संचालित होना चाहिए। उनके अनुसार, यह केवल सरकार ही नहीं बल्कि विपक्ष सहित सभी राजनीतिक दलों की साझा जिम्मेदारी है, ताकि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा और समाधान सुनिश्चित हो सके।

 

Written By: Geeta Sharma