Atal Bihari Vajpayee Death Anniversary: पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के तमाम नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 16 अगस्त 2018 को हुआ था। रविवार को उनकी पुण्यतिथि पर दिल्ली स्थित ‘सदैव अटल’ स्मारक पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन समेत कई नेताओं ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे नेता थे, जिन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में प्रधानमंत्री से लेकर विपक्ष के नेता तक की भूमिका निभाई। वह तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे और वर्ष 2015 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

PM मोदी ने अटल जी को बताया असाधारण राजनेता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें ‘असाधारण राजनेता’ बताया। पीएम मोदी ने कहा कि अटल जी की सोच, नेतृत्व और सुशासन के साथ जनता के कल्याण को लेकर उनकी प्रतिबद्धता आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करती है। पीएम मोदी ने कहा कि अटल जी ने अपना पूरा जीवन देश की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उनके शब्दों और कार्यों ने कई पीढ़ियों को प्रेरणा दी और उनके नेतृत्व ने भारत को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अच्छे शासन और जनकल्याण पर उनका जोर हमेशा देश का मार्गदर्शन करता रहेगा।

अमित शाह ने क्या कहा?
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी को महान देशभक्त और ऐसे राजनेता के रूप में याद किया, जिन्होंने अपने जीवन का हर पल देश सेवा में लगा दिया। अमित शाह ने कहा कि अटल जी ने परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध के दौरान दुनिया को भारत की शक्ति का परिचय कराया। वहीं, उनकी मूल्य आधारित राजनीति ने अंत्योदय और सुशासन की सोच को जमीन पर उतारने का काम किया। इस दौरान अमित शाह ने ये भी कहा कि अटल जी का विराट व्यक्तित्व और उनका नेतृत्व भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता को राष्ट्र निर्माण के लिए हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

राजनाथ सिंह ने भी दी श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपने विचारों और कार्यों से भारतीय लोकतंत्र को समृद्ध किया। उन्होंने आजीवन ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम’ की भावना के साथ काम किया। राजनाथ सिंह के मुताबिक, अटल जी के लिए राजनीति का मूल उद्देश्य राष्ट्रहित और जनसेवा था। उनके नेतृत्व में भारत ने सामरिक शक्ति, आर्थिक विकास और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कीं।

‘सदैव अटल’ पहुंचकर नेताओं ने किया नमन
दिल्ली में ‘सदैव अटल’ स्मारक पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह समेत कई नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत अन्य नेताओं ने भी स्मारक पहुंचकर अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी।

तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे वाजपेयी
अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री बने। उनका पहला कार्यकाल वर्ष 1996 में महज 13 दिन का रहा। इसके बाद 1998 से 1999 तक उन्होंने करीब 11 महीने प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। तीसरी बार 1999 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने वर्ष 2004 तक अपना कार्यकाल पूरा किया। वर्ष 2015 में अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। भारतीय राजनीति में उनके योगदान, भाषण शैली, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रहित की राजनीति के लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है।

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Written by Shailesh Yadav