उत्तर प्रदेश को वैश्विक पर्यटन और निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार की पहल को उस समय नई गति मिली, जब जापान के यामानाशी प्रान्त का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के पर्यटन दौरे पर पहुंचा। गुरुवार को आगरा पहुंचे प्रतिनिधिमंडल का स्वागत ब्रज की पारंपरिक संस्कृति और भारतीय आतिथ्य की अनूठी झलक के साथ किया गया। मयूर नृत्य और ब्रज के रसिया की प्रस्तुतियों ने जापानी मेहमानों को खासा प्रभावित किया। पर्यटन विभाग की महानिदेशक डॉ. वेदपति मिश्र और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जेपी पैलेस में प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और उनके साथ दोपहर का भोजन किया। इस दौरान ‘अतिथि देवो भवः’ की भारतीय परंपरा का जीवंत अनुभव जापानी दल को मिला।

ताज महल की खूबसूरती से अभिभूत हुए राज्यपाल

इसके बाद यामानाशी के गवर्नर कोटारो नागासाकी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध ताज महल का दीदार किया। सफेद संगमरमर की भव्यता, बारीक नक्काशी और स्थापत्य कला ने जापानी मेहमानों को विशेष रूप से प्रभावित किया। कोटारो नागासाकी ने कहा कि तस्वीरों में ताज महल को कई बार देखने के बावजूद उसे करीब से देखना बिल्कुल अलग अनुभव है। उन्होंने इसकी बारीक कारीगरी और वास्तु सौंदर्य की सराहना की।

सुगम व्यवस्थाओं की भी हुई सराहना

यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात और आतिथ्य की व्यवस्थाओं को लेकर भी जापानी प्रतिनिधिमंडल ने संतोष व्यक्त किया। यामानाशी विश्वविद्यालय के अध्यक्ष काजुहिको नाकामुरा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल एक कार्यक्रम से दूसरे कार्यक्रम तक सहजता और समयबद्ध तरीके से पहुंच सका। इससे उनका ध्यान व्यवस्थाओं के बजाय उत्तर प्रदेश की संस्कृति और पर्यटन को समझने पर केंद्रित रहा। यामानाशी के उप-राज्यपाल जुनिची इशिदेरा ने ब्रज संस्कृति के पारंपरिक स्वागत को यात्रा का विशेष अनुभव बताया। उनके अनुसार, स्थानीय संस्कृति से परिचय ने क्षेत्र को समझने की स्वाभाविक जिज्ञासा पैदा की।

लखनऊ और पूर्वांचल में बढ़ेगा सहयोग का दायरा

आगरा के बाद प्रतिनिधिमंडल लखनऊ पहुंचा, जहां 21 अगस्त को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े 50 से अधिक टूर ऑपरेटरों, होटल कारोबारियों और उद्यमियों के साथ राउंडटेबल बैठक प्रस्तावित है। पर्यटन प्रदर्शनी और सहयोग संबंधी संवाद के माध्यम से बौद्ध पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और नए पर्यटन अनुभवों पर चर्चा होगी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल वाराणसी समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा करेगा। यह क्षेत्र भारत-जापान के प्राचीन बौद्ध और आध्यात्मिक संबंधों की महत्वपूर्ण कड़ी है।

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पर्यटन के साथ निवेश और रोजगार की संभावनाएं

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य केवल प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराना नहीं, बल्कि आगरा, लखनऊ और पूर्वांचल को एक व्यापक पर्यटन अनुभव के रूप में प्रस्तुत करना है। जापानी पर्यटकों और संस्थानों के बीच उत्तर प्रदेश की प्रत्यक्ष समझ विकसित होने से भविष्य में पर्यटन, आतिथ्य, सांस्कृतिक सहयोग और निवेश के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। यामानाशी प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा भारत-जापान संबंधों को पर्यटन के मानवीय और सांस्कृतिक आयाम से मजबूत करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। इससे विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने, निवेश आकर्षित होने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद भी मजबूत हुई है।

Written By: एम अतहर उद्दीन मुन्ने भारती