नासा के चंद्र अभियान आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्री बीते दिन यानी शुक्रवार को सुरक्षित रूप से प्रशांत महासागर में लौट आए, जिसके साथ ही आधी सदी से अधिक समय बाद मानवता की एक ऐतिहासिक चंद्र यात्रा पूरी हुई। लगभग 10 दिनों तक चले इस मिशन के बाद ओरियन अंतरिक्ष यान ने सैन डिएगो तट के पास समुद्र में सफलतापूर्वक स्प्लैशडाउन किया। इस पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर किया गया।
अंतरिक्ष यान को समुद्र को उतारा गया
इस मिशन में कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन विशेषज्ञ क्रिस्टिना कोच और कनाडा के जेरेमी हैंसन शामिल थे। अंतरिक्ष यान के समुद्र में उतरने के तुरंत बाद अमेरिकी नौसेना की टीम ने सभी अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
मानव इतिहास में सबसे दूर की यात्रा का नया रिकॉर्ड
यह मिशन कई मायनों में ऐतिहासिक रहा है। 1972 में अपोलो-17 के बाद पहली बार इंसान चंद्रमा के इतने करीब पहुंचे। इस दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से का अवलोकन किया और अब तक की मानव द्वारा तय की गई सबसे अधिक दूरी—करीब 4,06,771 किलोमीटर—का नया रिकॉर्ड बनाया है, उन्होंने चंद्रमा की तस्वीरें लीं, वैज्ञानिक अध्ययन किए और अंतरिक्ष से एक पूर्ण सूर्य ग्रहण का भी दृश्य देखा। पृथ्वी के वायुमंडल में लौटते समय ओरियन यान लगभग ध्वनि की गति से 32 गुना तेज रफ्तार से प्रवेश किया और अत्यधिक तापमान सहन करते हुए पैराशूट की मदद से धीरे-धीरे समुद्र में उतरा।
एक अप्रैल से शुरू हुआ था फ्लोरिडा का ये मिशन
1 अप्रैल को फ्लोरिडा से शुरू हुए इस मिशन ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। हालांकि यह चंद्रमा पर उतरा या उसकी परिक्रमा नहीं कर सका, फिर भी इसने अपोलो-13 के दूरी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यह अभियान चंद्रमा पर भविष्य में स्थायी मानव बेस बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
मिशन के दौरान आया भावनात्मक पल
मिशन के दौरान एक भावनात्मक पल भी आया, जब अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा के दो क्रेटरों को अपने अंतरिक्ष यान और वाइजमैन की दिवंगत पत्नी कैरोल के नाम पर रखने की इच्छा जताई। आर्टेमिस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा पर मानव उपस्थिति स्थापित करना और आगे चलकर मंगल ग्रह तक मानव मिशन भेजना है। इसके अगले चरण, आर्टेमिस III, में चंद्रमा की सतह पर मानव को उतारने की योजना है।
Written By Toshi Shah