Women Reservation Bill Updates: लोकसभा में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब सरकार द्वारा पेश किया गया संविधान का 131वां संशोधन बिल पास नहीं हो सका। यह बिल लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 850 करने से जुड़ा था, जिसे सरकार की बड़ी राजनीतिक पहल माना जा रहा था। वहीं भाजपा ने इसके विरोध में भाजपा ने पूरे देशभर में प्रदर्शन का ऐलान किया है।

कम वोट मिलने से गिरा बिल

करीब 21 घंटे लंबी चर्चा के बाद जब वोटिंग हुई, तो कुल 528 सांसदों ने हिस्सा लिया। इनमें से 298 सांसदों ने बिल के पक्ष में और 230 ने विरोध में वोट दिया। हालांकि, यह संख्या बिल को पास कराने के लिए पर्याप्त नहीं थी। संवैधानिक संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है, जो इस स्थिति में 352 वोट होता। इस तरह बिल 54 वोटों से गिर गया।

12 वर्षों में पहली बार पीएम के नेतृत्व बिल पास नहीं हुआ

यह पिछले 12 वर्षों में पहला मौका है जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार लोकसभा में कोई महत्वपूर्ण बिल पास नहीं करा सकी। इसे राजनीतिक रूप से बड़ा झटका माना जा रहा है।

बिल गिरने का असर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर पड़ा

इस बिल के गिरने का सीधा असर महिला आरक्षण कानून, यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम, पर भी पड़ा है। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। लेकिन अब यह आरक्षण नई जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू होगा, जिससे इसके 2029 के लोकसभा चुनाव में लागू होने की संभावना खत्म हो गई है।

महिला आरक्षण बिल के परिसीमन क्यों जरूरी

दरअसल, महिला आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन बेहद जरूरी प्रक्रिया है। परिसीमन के तहत देश की जनसंख्या के आधार पर सीटों की संख्या और सीमाएं तय की जाती हैं। इसके बाद ही यह निर्धारित होता है कि किन सीटों पर आरक्षण लागू होगा।

बिल पास न होने पर BJP का देशभर में भाजपा का प्रदर्शन

लोकसभा में 17 अप्रैल शुक्रवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए संविधान संशोधन बिल पारित नहीं हो सका। अब भाजपा की महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इसके साथ ही बिल पास न होने के विरोध में बाद बीजेपी बड़े स्तर पर प्रदर्शन की तैयारी में है। बीजेपी शनिवार 18 अप्रैल से देशभर में कई प्रदर्शन आयोजित करेगी। बताया जा रहा कि इन प्रदर्शनों में NDA के सहयोगी दल भी शामिल होंगे।

Written By: Geeta Sharma