
16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सत्र में केंद्र सरकार का मुख्य फोकस ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करने के लिए आवश्यक संवैधानिक संशोधनों को पारित कराने पर रहेगा। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी दलों की एक अहम बैठक अपने आवास पर बुलाई है, जो आज दोपहर 3 बजे होने की संभावना है।
विपक्ष का आरोप
इस बैठक में विपक्षी दल महिला आरक्षण विधेयक, परिसीमन और लोकसभा सीटों की संभावित बढ़ोतरी जैसे मुद्दों पर सरकार की रणनीति को लेकर अपना साझा रुख तय करने पर चर्चा करेंगे। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इन अलग-अलग मुद्दों को एक साथ जोड़कर जनता के बीच भ्रम पैदा कर रही है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश दिया था संकेत
कांग्रेस नेता जयराम रमेश पहले ही संकेत दे चुके हैं कि विशेष सत्र से पहले विपक्षी दलों के सदन नेताओं की अलग बैठक भी हो सकती है, ताकि एक संयुक्त रणनीति बनाई जा सके।
महिला आरक्षण को लागू करने में नहीं होनी चाहिए देरी-सरकार
दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि महिला आरक्षण को लागू करने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। केंद्र सरकार ने 2023 में पारित इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है, जिसे जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया के बाद लागू किया जाना है।
लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने को लेकर विचार
सरकार इस विशेष सत्र में परिसीमन से जुड़ा विधेयक लाने की भी तैयारी कर रही है। योजना के अनुसार, 2029 के लोकसभा चुनाव से महिला आरक्षण को प्रभावी करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। इसके लिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 850 करने पर भी विचार किया जा रहा है, जिसमें अधिकांश सीटें राज्यों के लिए और कुछ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होंगी।
महिलाओं को यह अधिकार जल्द होना चाहिए लागू- किरेन रिजिजू
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि महिलाओं को मिला यह अधिकार जल्द से जल्द लागू होना चाहिए और इसमें किसी प्रकार की देरी उचित नहीं है। वहीं, प्रधानमंत्री ने भी विभिन्न मंचों पर सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि इस ऐतिहासिक कदम को सर्वसम्मति से आगे बढ़ाया जाए, ताकि देश की महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार समय पर मिल सके।
Written By Toshi Shah















