फिजूलखर्ची पर लगाम या आर्थिक संकट? राजस्थान सरकार के फैसले पर घमासान

यह मुद्दा अब राजस्थान की राजनीति में बहस का विषय बन गया है। एक तरफ सरकार इसे वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता का कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे आर्थिक संकट का संकेत मान रहा है।

15 April 2026

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राजस्थान में भजन लाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार ने हाल ही में एक अहम प्रशासनिक फैसला लिया है, जिसके तहत अब राज्य के सभी सरकारी कार्यक्रम केवल सरकारी भवनों या सरकारी परिसरों में ही आयोजित किए जाएंगे। होटल, रिसॉर्ट या अन्य निजी स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करने पर लगभग पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

क्या है सरकार का फैसला?

सरकार ने निर्देश जारी किया है कि सभी विभाग अपने कार्यक्रम—जैसे बैठकें, सम्मेलन या समारोह—सरकारी स्थानों पर ही करें। यदि किसी विशेष परिस्थिति में निजी स्थल का उपयोग जरूरी हो, तो इसके लिए उच्च स्तरीय समिति (चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में) से अनुमति लेनी होगी।

सरकार के इस कदम का उद्देश्य-

* अनावश्यक खर्च पर रोक लगाना

* सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग करना

* सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को रोकना

सरकार के फैसले पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस पार्टी ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री रोज सरकारी खर्च पर हेलीकॉप्टर से हवाई दौरा करते हैं। इस पर भी रोजाना लाखों रुपए खर्च होते हैं। पहले उसे बंद किया जाना चाहिए।

रफीक खान ने कही ये बात

कांग्रेस पार्टी के मुख्य सचेतक रफीक खान का कहना है कि इस फैसले से यह साफ है कि राज्य की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है, उन्होंने कहा कि सरकारी खजाना खाली हो चुका है, आने वाले दिनों में आर्थिक संकट से जुड़े और भी फैसले लिए जा सकते हैं, उनका कहना है कि सरकारी रकम का दुरुपयोग तो उचित है, उस पर कोई एतराज भी नहीं है, लेकिन सरकार को वित्तीय हालत पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।

सरकार का जवाब

सरकार की ओर से जवाहर सिंह बेढम ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि यह फैसला जनता के पैसे के सही इस्तेमाल के लिए लिया गया है, उन्होंने कहा कि पिछली अशोक गहलोत सरकार के समय खर्च में अनुशासन नहीं था। वर्तमान सरकार पारदर्शिता और बचत पर ध्यान दे रही है।

 

 

Written By Toshi Shah

 

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