
भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा हत्याकांड में जांच ने नया मोड़ ले लिया है। मामले के मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को अदालत ने सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। वहीं, ट्विशा के शव का दूसरी बार पोस्टमार्टम रविवार को किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली एम्स के चार विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम विशेष उपकरणों के साथ भोपाल रवाना हो चुकी है। इस बीच बार काउंसिल ने समर्थ सिंह का वकालत का लाइसेंस भी रद्द कर दिया है।
भोपाल में समर्थ सिंह ने किया सरेंडर
समर्थ सिंह शुक्रवार को आत्मसमर्पण करने के लिए जबलपुर हाईकोर्ट पहुंचा था,लेकिन उसे भोपाल में सरेंडर करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद उसने भोपाल में सरेंडर किया, जहां पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी के लंबे समय तक फरार रहने और जांच की जरूरत को देखते हुए सात दिन की पुलिस रिमांड मंजूर कर दी। अब पुलिस इस दौरान उससे विस्तृत पूछताछ करेगी और घटना से जुड़े कई पहलुओं की जांच करेगी।
समर्थ की मां की अग्रिम जमानत पर सोमवार को होगी HC में सुनवाई
मामले में दूसरी आरोपी और समर्थ की मां,पूर्व जज राजबाला सिंह की अग्रिम जमानत पर भी सुनवाई जारी है। निचली अदालत से उन्हें अग्रिम जमानत मिल चुकी है, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट इस मामले पर सोमवार को सुनवाई करेगा।
ट्विशा के वकील ने समर्थ के सरेंडर पर क्या कहा?
ट्विशा के वकील अंकुर पांडे ने कहा कि समर्थ 12 तारीख से लगातार फरार था और इसी कारण पुलिस रिमांड जरूरी थी। उन्होंने बताया कि आरोपी का पासपोर्ट भी कोर्ट में जमा करा दिया गया है ताकि उसके विदेश भागने की आशंका खत्म हो सके। पांडे के अनुसार, जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि फरारी के दौरान समर्थ कहां रहा और किसने उसकी मदद की। यदि किसी सरकारी अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
'घटना के दिन घर के अंदर क्या हुआ, उसपर होगी जांच'
उन्होंने यह भी कहा कि मामले में मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों के संरक्षण को लेकर 3 आवेदन लंबित हैं, जिनकी अगली सुनवाई 29 तारीख को होगी। पुलिस अब घटना के दिन घर के अंदर क्या हुआ,इसका पुनर्निर्माण भी कर सकती है।
समर्थ को कुछ लोगों ने बचाने की कोशिश की: एडवोकेट अनुराग श्रीवास्तव
वहीं, एडवोकेट अनुराग श्रीवास्तव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जबलपुर कोर्ट परिसर में समर्थ को कुछ लोगों ने बचाने की कोशिश की। उनके मुताबिक, आरोपी को कोर्ट रूम में सामान्य वकीलों की सीट पर बैठाया गया था, जबकि उसे पुलिस हिरासत में होना चाहिए था। उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने सवाल उठाए तो कुछ लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की।
आरोपी को मिली कथित सुरक्षा पर उठाए सवाल
अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि समर्थ लगातार भागने की कोशिश करता दिख रहा था और उसके चेहरे को कपड़े व चश्मे से ढका गया था। उन्होंने अदालत की कार्यप्रणाली और आरोपी को मिली कथित सुरक्षा पर भी सवाल उठाए।
मामले की जांच CBI को दी जानी चाहिए: पीड़ित पक्ष
पीड़ित पक्ष अब मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग कर रहा है। परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने शुरू से आरोपी को संरक्षण दिया। उन्होंने एसआईटी में शामिल SHO को हटाने की भी मांग की है। फिलहाल पूरे मामले पर प्रदेशभर की नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में जांच से कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
Written By: Geeta Sharma















