बहुत-से लोग अपनी ओरल हेल्थ को सही महत्व नहीं देते। इसी वजह से मसूड़ों की सूजन, पायरिया, दांतों में दर्द और कमजोरी जैसी दिक्कतें बढ़ती जाती हैं। गलत खान-पान, ज्यादा मीठा, जंक फूड, धूम्रपान और ठीक से ब्रश न करना इन समस्याओं के मुख्य कारण हैं।
कई लोग डेंटिस्ट के पास जाने से झिझकते हैं, जिससे समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे में लोग ऐसे घरेलू उपाय चाहते हैं जो आसान हों और थोड़ा-बहुत आराम दें। बाबा रामदेव भी कुछ प्राकृतिक चीज़ों को ओरल हेल्थ के लिए फायदेमंद बताते हैं। नीचे इन्हीं उपायों को सरल भाषा में समझाया गया है
1. अपामार्ग (Achyranthes aspera) की दातुन
आयुर्वेद के अनुसार अपामार्ग की जड़ से बनी दातुन मसूड़ों की सूजन को शांत करने में मदद करती है। यह दांतों को थोड़ी मजबूती देती है और मुंह में जमा बैक्टीरिया को कम करने में सहायक मानी जाती है। इससे बदबू और मसूड़ों से खून आना भी कम हो सकता है।
2. लौंग का तेल
लौंग का तेल कई सालों से दांत और मसूड़ों की तकलीफ में इस्तेमाल किया जाता है। यह दर्द कम करने में मदद करता है और इससे सूजन व बदबू में भी राहत मिल सकती है। इसे बहुत थोड़ी मात्रा में मसूड़ों पर लगाया जाता है।
3. हल्दी और सरसों तेल का मिश्रण
हल्दी में प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, और सरसों का तेल मसूड़ों को मजबूत करने में मदद कर सकता है। दोनों को मिलाकर मसूड़ों पर लगाने से सूजन और इन्फेक्शन में आराम महसूस हो सकता है।
4. त्रिफला पानी से कुल्ला
त्रिफला एंटीबैक्टीरियल माना जाता है। इसके पानी से कुल्ला करने से दांतों की जड़ें मजबूत हो सकती हैं और मुंह के बैक्टीरिया कम हो सकते हैं। इससे पायरिया जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।
5. सही ब्रशिंग और जीभ की सफाई
हल्के हाथ से गोल-गोल ब्रश करना और रोज जीभ की सफाई करना बहुत जरूरी है। इससे दांतों और मसूड़ों की हालत काफी बेहतर रहती है और बदबू भी नहीं आती।
क्यों बढ़ती हैं दांत और मसूड़ों की समस्याएं?
गलत तरीके से ब्रश करना, ज्यादा मीठा और जंक फूड खाना, धूम्रपान करना, मुंह की सही सफाई न करना और समय-समय पर डेंटिस्ट के पास न जाना। ये सभी आदतें दांतों और मसूड़ों के लिए बहुत हानिकारक होती हैं। इनकी वजह से दांत धीरे-धीरे कमजोर होने लगते हैं और मसूड़ों में सूजन या इन्फेक्शन बढ़ने लगता है। जब यह इन्फेक्शन लंबे समय तक अनदेखा रहता है, तो वही आगे जाकर पायरिया जैसी गंभीर समस्या का रूप ले लेता है। इसलिए रोजाना अच्छी ओरल हाइजीन और नियमित डेंटल चेकअप बहुत जरूरी है।
अपामार्ग क्यों माना जाता है फायदेमंद?
अपामार्ग एक जंगली औषधीय पौधा है, जिसे चिरचिटा या लटजीरा भी कहा जाता है। यह आसानी से आसपास के खुले क्षेत्रों में मिल जाता है। आयुर्वेद इसे दांत और मसूड़ों के लिए खास लाभकारी बताता हैं क्योंकि इसमें ऐसे गुण होते हैं जो मसूड़ों की कमजोरी और पायरिया जैसी समस्याओं में मदद कर सकते हैं।
नोट: घरेलू नुस्खे केवल हल्की-फुल्की समस्याओं में मदद कर सकते हैं। अगर मसूड़ों से लगातार खून आ रहा है, बहुत दर्द है या बदबू खत्म नहीं हो रही, तो डेंटिस्ट से जांच कराना बहुत जरूरी है।
Disclaimer: लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, इसे मेडिकल सलाह नहीं माना जाना चाहिए। अपनी डाइट में कोई भी बदलाव करने से पहले कृपया डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से सलाह लें, खासकर अगर आपको पहले से कोई हेल्थ प्रॉब्लम है।
- YUKTI RAI

