सुबह उठते ही आंखों में पानी आना एक आम समस्या है, लेकिन कई बार यह किसी अंदरूनी कमी या परेशानी का संकेत भी हो सकता है। कई लोग इसे हल्के में लेते हैं, जबकि लगातार पानी आना एपिफोरा नाम की स्थिति भी हो सकती है। इसमें या तो आंखें जरूरत से ज्यादा आंसू बनाती हैं या फिर आंसू बाहर निकलने वाला सिस्टम ठीक से काम नहीं करता। आइए समझते हैं कि आखिर सुबह आंखों में पानी क्यों आता है।
सुबह आंखों में पानी आने के आम कारण
कई बार सुबह रोशनी का अचानक बदलना, ठंडी हवा लगना, धूल या धुआं जैसे बाहरी कारणों से भी आंखों में पानी आने लगता है। कुछ लोगों में एलर्जी के कारण भी यह समस्या दिखती है खासतौर पर धूल, पालतू जानवरों के बाल, मिट्टी के कण या ठंडी हवा से।
लेकिन कभी-कभी इसका संबंध आंखों की किसी समस्या से भी हो सकता है।
1. सूखी आंखें (Dry Eyes): यह सुनने में उल्टा लगता है, लेकिन ड्राई आई में भी पानी आता है। आंखों पर एक पतली टीयर फिल्म होती है जिसमें म्यूकस, पानी और तेल की परत होती है।
अगर पानी वाली परत कम बने या तेल वाली परत कमजोर हो जाए तो आंख जल्दी सूखती है। सूखने पर शरीर तुरंत ज्यादा आंसू बनाता है, लेकिन तेल की कमी के कारण ये आंसू टिक नहीं पाते और बाहर बह जाते हैं। अंदर आंख सूखी रहती है और बाहर से पानी आता है।
2. नींद में आंखें पूरी तरह बंद न होना: कुछ लोगों की पलकें सोते समय पूरी तरह बंद नहीं होतीं। इससे आंख का एक हिस्सा रातभर सूख जाता है।
सुबह उठते ही शरीर उस हिस्से को बचाने के लिए अचानक आंसू बना देता है। इस वजह से आंखें नम, भारी या पानी से भरी लगती हैं।
3. कॉर्नियल इरोजन (Corneal Erosion): कभी-कभी आंख पर नाखून, पेन के कैप या कागज से हल्की चोट लग जाती है। यह चोट पहली बार ठीक लगती है पर ऊपर की परत ठीक से चिपक नहीं पाती।
सुबह आंख खोलते ही यह परत फिर हल्का छिल सकती है, जिससे तेज पानी आता है, चुभन होती है, रोशनी से परेशानी होती है
सुबह आंखों में पानी आए तो क्या करें?
1. कमरे में अचानक तेज रोशनी न आने दें, हल्की रोशनी से शुरुआत करें।
2. पंखे या AC की हवा सीधे आंखों पर न पड़े।
3. कमरे में नमी रखने के लिए ह्यूमिडिफायर या पानी का कटोरा रखें।
4. एलर्जी हो तो साफ बेडशीट, पिलो कवर और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
5. रात में तेज़ केमिकल वाली मच्छर-मार स्प्रे का उपयोग न करें।
6. सुबह बाहर निकलते समय चश्मा पहनें और जरूरत होने पर आर्टिफिशियल टीयर ड्रॉप लगाएं।
अगर लगातार चुभन, लालिमा, बहुत ज्यादा पानी, आंख खुलने में दर्द जैसे लक्षण हों, तो यह पलक की समस्या, ऑयल लेयर की खराबी, कॉर्नियल इरोजन या अन्य आंख की बीमारियों का संकेत हो सकता है। ऐसे में आंखों के डॉक्टर से जरूर मिलें।
Disclaimer: लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, इसे मेडिकल सलाह नहीं माना जाना चाहिए। अपनी डाइट में कोई भी बदलाव करने से पहले कृपया डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से सलाह लें, खासकर अगर आपको पहले से कोई हेल्थ प्रॉब्लम है।
-YUKTI RAI

