UP News: पूर्वांचल में वर्षों से ठप पड़ी औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार देने और परेशान उद्यमियों को राहत पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब बीमार या बंद घोषित हो चुकी औद्योगिक इकाइयों के आवंटियों को अपना प्लॉट बेचने के लिए निजी खरीदार ढूंढने की मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। यूपीसीडा स्वयं इन भूखंडों को वापस खरीदेगा और इसके बदले आवंटियों को क्षेत्र की वर्तमान प्रचलित दर का 90 प्रतिशत भुगतान करेगा।
सोमवार को आयोजित यूपीसीडा की 51वीं बोर्ड बैठक में इस ऐतिहासिक नीतिगत बदलाव पर मुहर लगा दी गई है। इस फैसले से गोरखपुर और बस्ती मंडल के अंतर्गत आने वाली 172 बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों के भूखंडों के निस्तारण का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है।
पूरे प्रदेश में लागू होगी एक समान नीति
अभी तक भूखंड वापसी की प्रक्रिया में क्षेत्रीय विषमता बनी हुई थी। पुरानी व्यवस्था के तहत पूर्वांचल के उद्यमियों को प्लॉट वापस करने पर प्रचलित मूल्य का महज 60 प्रतिशत मिलता था, जबकि पश्चिमांचल के उद्यमियों को 70 प्रतिशत का भुगतान किया जाता था। इस असंतुलन के कारण उद्यमी वर्षों तक पत्राचार और कागजी कार्रवाई में उलझे रहते थे। यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक धर्मचंद के मुताबिक, नई नीति में इस विषमता को खत्म करते हुए पूरे राज्य के लिए एक समान 90 प्रतिशत भुगतान का कड़ा प्रावधान किया गया है। इससे उद्यमियों को उनकी संपत्ति का सही और बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
पूर्वांचल के इन जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, पूर्वांचल के कई जिलों में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां लंबे समय से बंद (बीमार) पड़ी हैं। इस नई व्यवस्था से सबसे अधिक लाभ निम्नलिखित जिलों के उद्यमियों को होगा।
संतकबीरनगर: 70 इकाइयां
बस्ती: 40 इकाइयां
मऊ: 40 इकाइयां
देवरिया: 20 इकाइयां
गोरखपुर: 02 इकाइयां
पुनर्निवेश और नए रोजगार का रास्ता साफ
प्राधिकरण के इस फैसले से दोहरे फायदे देखने को मिलेंगे। एक तरफ जहां वर्षों से पूंजी फंसाकर बैठे उद्यमियों की संपत्ति मुक्त होगी और उन्हें तुरंत तरलता (कैश) मिलेगी, वहीं दूसरी ओर यूपीसीडा को ये भूखंड वापस मिलने से नए निवेशकों को तुरंत जमीन आवंटित की जा सकेगी। इससे क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित होंगे, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
Written by Shailesh Yadav