पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मतभेदों की चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच पार्टी की वरिष्ठ सांसद और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली महुआ मोइत्रा के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का एक आधिकारिक पत्र साझा किया। इस पत्र में रक्षा मंत्री ने सशस्त्र बलों के विकलांग कर्मियों की पेंशन से जुड़े मुद्दे को उठाने के लिए उनकी पहल की सराहना की है। पत्र साझा करते हुए महुआ ने रक्षा मंत्री का धन्यवाद व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि वित्त मंत्रालय भी इस मामले में संवेदनशील रुख अपनाएगा।

महुआ मोइत्रा ने रक्षा मंत्री की तारीफ की

अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के दिव्यांग कर्मियों की पेंशन पर आयकर छूट जारी रखने के प्रति रक्षा मंत्री का सकारात्मक दृष्टिकोण स्वागत योग्य है, उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि संबंधित विभाग इस प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाएगा।

रक्षा मंत्री के पत्र में महुआ मोइत्रा द्वारा उठाए गए मुद्दे पर किया गया है विचार

रक्षा मंत्री के पत्र में उल्लेख किया गया है कि लोकसभा में नियम 377 के तहत महुआ मोइत्रा द्वारा उठाए गए मुद्दे पर विचार किया गया। पत्र के अनुसार, रक्षा बलों के कर्मियों की विकलांगता पेंशन पर आयकर छूट से संबंधित विषय वित्त मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। सरकार ने फिलहाल यह स्पष्ट किया है कि जब तक इस संबंध में कोई नई अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक भारतीय सशस्त्र बलों के दिव्यांग अधिकारियों की विकलांगता पेंशन और उससे संबंधित सेवा लाभ आयकर से मुक्त रहेंगे।

TMC के भीतर असंतोष के बीच महुआ मोइत्रा ने केंद्र सरकार की तारीफ की

महुआ मोइत्रा के इस पोस्ट ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि हाल के दिनों में TMC के भीतर असंतोष और गुटबाजी की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे माहौल में केंद्र सरकार के एक मंत्री की सार्वजनिक रूप से सराहना करने को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा शुरू हो गई है।

पार्टी छोड़ने के कोई संकेत नहीं

हालांकि, महुआ मोइत्रा ने अपने पोस्ट में कहीं भी पार्टी लाइन से अलग कोई राजनीतिक संकेत नहीं दिया है, उन्होंने केवल उस मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है जिसे उन्होंने संसद में उठाया था। इसके बावजूद, उनके इस कदम को लेकर विभिन्न तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। बता दें कि फिलहाल न तो महुआ मोइत्रा और न ही तृणमूल कांग्रेस की ओर से ऐसा कोई संकेत मिला है, जिससे यह माना जाए कि वे पार्टी से अलग राह अपनाने जा रही हैं। लेकिन उनके पोस्ट ने निश्चित रूप से बंगाल की राजनीति में चर्चा का नया विषय जरूर पैदा कर दिया है।

 

Written By Toshi Shah