पीरियड्स महिलाओं के जीवन का एक सामान्य और प्राकृतिक हिस्सा हैं। इस दौरान शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिनकी वजह से पेट दर्द, ऐंठन, कमर दर्द, थकान और मूड स्विंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि क्या पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज करनी चाहिए या पूरी तरह आराम करना बेहतर है।
पीरियड्स में एक्सरसाइज करना सुरक्षित है
Health specialist के अनुसार, अगर आपकी तबीयत ठीक है और बहुत ज्यादा दर्द या कमजोरी नहीं है, तो पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज करना सुरक्षित माना जाता है। हल्की से मध्यम शारीरिक गतिविधि शरीर में ब्लड फ्लो बेहतर बनाने में मदद करती है, जिससे ऐंठन और थकान में राहत मिल सकती है। कई महिलाओं को एक्सरसाइज के बाद मूड बेहतर महसूस होता है और शरीर में ऊर्जा भी बढ़ती है।
कौन-सी एक्सरसाइज सबसे बेहतर मानी जाती हैं?
पीरियड्स के दौरान हल्की और आरामदायक एक्सरसाइज सबसे अच्छा विकल्प मानी जाती हैं। तेज चाल से वॉकिंग, हल्की स्ट्रेचिंग, योग, साइकिलिंग और हल्की एरोबिक एक्टिविटी शरीर को एक्टिव रखने में मदद कर सकती हैं। अगर आप पहले से नियमित रूप से वर्कआउट करती हैं, तो अपनी सुविधा के अनुसार उसे जारी रख सकती हैं। हालांकि, इस समय बहुत अधिक हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज करने की जरूरत नहीं होती।
कब एक्सरसाइज से बचना चाहिए?
अगर किसी दिन बहुत ज्यादा दर्द, चक्कर, अत्यधिक ब्लीडिंग, कमजोरी या असहजता महसूस हो रही हो, तो शरीर को आराम देना ज्यादा जरूरी है। हर महिला का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है, इसलिए दूसरों से तुलना करने के बजाय अपने शरीर के संकेतों को समझना महत्वपूर्ण है।
एक्सरसाइज करते समय रखें ये जरूरी सावधानियां
पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज करते समय पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है। आरामदायक और सांस लेने वाले कपड़े पहनें तथा अपनी सुविधा के अनुसार सही सैनिटरी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें, ताकि वर्कआउट के दौरान असहजता न हो। अगर एक्सरसाइज के दौरान या बाद में कोई असामान्य परेशानी महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।
शरीर की सुनें, उसी के अनुसार फैसला लें
पीरियड्स में एक्सरसाइज करना न केवल सुरक्षित हो सकता है, बल्कि कई महिलाओं के लिए फायदेमंद भी साबित होता है। सबसे जरूरी बात यह है कि आप अपनी क्षमता के अनुसार ही शारीरिक गतिविधि करें और शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें। हल्की एक्टिविटी, पर्याप्त आराम और शरीर के संकेतों को समझना ही इस दौरान स्वस्थ रहने का सबसे अच्छा तरीका है।
Written By: Archana Gupta