हनोई। भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बुधवार को वियतनाम के आधिकारिक दौरे के दौरान वियतनाम पीपुल्स आर्मी के जनरल स्टाफ प्रमुख और राष्ट्रीय रक्षा उप मंत्री जनरल गुयेन तान कुओंग से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।
रक्षा सहयोग में प्रगति की समीक्षा
वियतनाम में भारतीय दूतावास के मुताबिक, दोनों सैन्य अधिकारियों ने भारत-वियतनाम रक्षा सहयोग में हो रही प्रगति की समीक्षा की। बातचीत में खास तौर पर दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने, क्षमता निर्माण और पेशेवर स्तर पर आदान-प्रदान को मजबूत करने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए।
भारतीय दूतावास ने कहा कि दोनों देशों ने ‘एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के तहत रक्षा सहयोग को और गहरा करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत और वियतनाम के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और वियतनाम के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग इस रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख स्तंभों में से एक है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग 2009 में हुए रक्षा सहयोग समझौता ज्ञापन और 2015 में जारी संयुक्त रक्षा दृष्टिकोण के तहत आगे बढ़ रहा है।
जून 2022 में भारत और वियतनाम ने ‘2030 तक भारत-वियतनाम रक्षा साझेदारी पर संयुक्त दृष्टिकोण’ पर सहमति जताई थी। इसी दौरान दोनों देशों ने आपसी लॉजिस्टिक्स सहयोग को लेकर एक समझौता ज्ञापन भी किया था।
भारत और वियतनाम के बीच सैन्य सहयोग अब केवल रक्षा वार्ता तक सीमित नहीं है। इसमें विभिन्न सैन्य शाखाओं के बीच प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और सैन्य स्तर पर संवाद भी शामिल हैं।
दोनों देशों ने रक्षा उद्योग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए नवंबर 2025 में एक लेटर ऑफ इंटेंट पर भी हस्ताक्षर किए थे।
जुलाई 2023 में भारत ने स्वदेश निर्मित मिसाइल कार्वेट INS Kirpan वियतनाम को सौंपा था। इससे पहले जून 2022 में भारतीय कंपनी लार्सन एंड टुब्रो द्वारा बनाए गए 12 हाई-स्पीड गार्ड बोट्स भी वियतनाम को सौंपे गए थे। इन नौकाओं की आपूर्ति 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर की भारतीय लाइन ऑफ क्रेडिट के तहत की गई थी।
इसके अलावा, जुलाई 2024 में भारत के एक्सिम बैंक और वियतनाम के वित्त मंत्रालय के बीच 120 मिलियन डॉलर और 180 मिलियन डॉलर की दो और लाइन ऑफ क्रेडिट पर समझौते हुए थे।
समुद्री और शांति स्थापना से जुड़े अभ्यासों में हिस्सा
दोनों देशों की सेनाएं समुद्री और शांति स्थापना से जुड़े अभ्यासों में भी हिस्सा लेती हैं। भारत-वियतनाम संयुक्त शांति स्थापना अभ्यास VINBAX का छठा संस्करण नवंबर-दिसंबर 2025 में वियतनाम में आयोजित किया गया था।
यह भी पढ़ें: ‘गृह मंत्री चेहरा छिपा रहे हैं क्योंकि...’: राहुल गांधी का अमित शाह पर बड़ा हमला
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों की नौसेनाएं एक-दूसरे के बंदरगाहों पर नियमित रूप से परिचालन प्रशिक्षण यात्राएं (OTR) भी करती हैं। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की वियतनाम यात्रा को दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा और सैन्य सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Written By: Pradeep Singh