AI  का दायरा अब सिर्फ पढ़ाई, प्रोफेशनल काम या ऑफिस की जरूरतों तक सीमित नहीं रहा है। अब लोग इसका इस्तेमाल निजी जिंदगी से जुड़े सवालों, रिश्तों की समझ, प्यार, यौन शिक्षा और व्यक्तिगत सलाह के लिए भी करने लगे हैं। खास बात यह है कि इस ट्रेंड में अब बड़े महानगरों के साथ-साथ छोटे शहर भी तेजी से शामिल हो रहे हैं।

इन शहरों में इंटिमेसी और पर्सनल बातचीत

Gleeden और Ipsos की एक हालिया स्टडी में सामने आया है कि AI आधारित इंटिमेसी और पर्सनल बातचीत के मामले में बेंगलुरु सबसे आगे है। इसके अलावा कोच्चि, कोयंबटूर और विशाखापट्टनम जैसे शहरों में भी लोगों के बीच AI को लेकर बढ़ती स्वीकार्यता देखने को मिली है।

सर्वे में देश के अलग-अलग हिस्सों से ली गई राय

इस सर्वे में देश के अलग-अलग हिस्सों से 1500 लोगों की राय ली गई। इसका उद्देश्य यह जानना था कि लोग यौन स्वास्थ्य, रिश्तों से जुड़ी सलाह, निजी सवालों, कल्पनाओं और इंटिमेसी से जुड़े विषयों पर AI की मदद लेने को लेकर कितने सहज हैं।

बेंगलुरु में AI इंटिमेसी को लेकर सबसे ज्यादा भरोसा

सर्वे के अनुसार बेंगलुरु के लोग AI का इस्तेमाल निजी और संवेदनशील विषयों पर करने में सबसे आगे हैं। यहां 77 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे यौन शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी के लिए AI की मदद लेने में सहज हैं। वहीं 75 प्रतिशत लोगों ने माना कि वे अपनी रोमांटिक समझ या इंटिमेट स्किल्स को बेहतर करने के लिए AI का सहारा ले सकते हैं। इसके अलावा 67 प्रतिशत लोग ऐसे निजी सवालों और व्यक्तिगत कल्पनाओं को AI के साथ साझा करने को लेकर तैयार दिखे।

विशाखापट्टनम में भी बढ़ रहा है भरोसा

बेंगलुरु के बाद विशाखापट्टनम इस मामले में तेजी से उभरता हुआ शहर बनकर सामने आया। यहां 62 प्रतिशत लोगों ने यौन स्वास्थ्य और फिजिकल एजुकेशन से जुड़ी जानकारी के लिए AI का इस्तेमाल करने की इच्छा जताई। करीब 60 प्रतिशत लोग AI के साथ रोमांटिक या निजी बातचीत करने को लेकर सहज नजर आए। वहीं 58 प्रतिशत लोगों ने AI से तैयार की गई फैंटेसी आधारित विजुअल्स में रुचि दिखाई। 53 प्रतिशत लोगों ने निजी सवालों और इंटिमेसी से जुड़े विषयों पर AI से बात करने में सहजता दिखाई।

कोयंबटूर में भी बढ़ी AI की स्वीकार्यता

कोयंबटूर के लोगों में भी AI को लेकर सकारात्मक सोच देखने को मिली। सर्वे में 50 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे फिजिकल एजुकेशन के लिए AI की सहायता लेना चाहेंगे। इसके अलावा 52 प्रतिशत लोग निजी सवालों और फैंटेसी से जुड़े विषयों पर AI से बातचीत करने को तैयार हैं। वहीं 49 प्रतिशत लोगों ने यौन स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और समस्याओं के लिए AI का इस्तेमाल करने में रुचि दिखाई।

कोच्चि में बदल रहा है नजरिया

कोच्चि में आंकड़े भले ही कुछ अन्य शहरों की तुलना में कम रहे, लेकिन यहां भी AI को लेकर लोगों का नजरिया बदलता हुआ दिखाई दिया। सर्वे के मुताबिक, करीब 45 प्रतिशत लोग AI के साथ रोमांटिक बातचीत करने या निजी कल्पनाओं को साझा करने के लिए तैयार हैं। वहीं 43 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे यौन स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए AI की मदद लेना पसंद करेंगे।

 

 

 

Written By Toshi Shah