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Explainer: कानूनी पत्रकारिता से वकालत तक का सफर, फिर CJP आंदोलन में बनीं चर्चित चेहरा… कौन हैं रत्ना सिंह?

MADHVI TANWAR · 16 अक्टूबर 2026
कौन हैं रत्ना सिंह?

Who Is Ratna Singh: कॉकरोच जनता पार्टी का प्रमुख चेहरा यूं तो अभिजीत दिपके हैं, लेकिन कुछ दिनों से एक महिला भी अक्सर दिपके के साथ दिखाई दे रही हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं महिला वकील रत्ना सिंह की। रत्ना सिंह वर्तमान समय में सीजेपी की लीगल हेड हैं। जो इन दिनों मीडिया के सवालों का बेहद ही बेबाक अंदाज में जवाब देती हुई कई बार दिखी हैं। तो चलिए विस्तार से बताते हैं आखिर कौन हैं रत्ना सिंह? कब और कैसे वह अभिजीत दिपके से जुड़ी?

रत्ना सिंह सीजेपी की लीगल हेड

रत्ना सिंह इस समय कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख चेहरों में शुमार हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके गुरुवार एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे। उनके साथ एक महिला दिखी। जिन्हें देख हर किसी का एक ही सवाल आखिर कौन है यह महिला? तो बता दें कि रत्ना सिंह सीजेपी की लीगल हेड हैं। यह वही महिला वकील हैं, जिन्होंने वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के सत्ता परिवर्तन वाले बयान पर करारा जवाब दिया वो भी कानूनी अंदाज में।

तेज तर्रार वकील हैं रत्ना सिंह

प्रशांत भूषण के एक बयान से राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। लेकिन मामले को संभालते हुए रत्ना सिंह ने संगठन का रुख साफ करते हुए कहा कि उनकी मांग सत्ता परिवर्तन की नहीं, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त को बदलने की है। अपनी इस तेज तर्रार वाले अंदाज के कारण रत्ना सिंह लेम लाइट में आ गई। इस समय रत्ना सिंह सीजेपी की उन सदस्यों में शामिल हैं कानूनी मामलों को संभालने के साथ सार्वजनिक गतिविधियों पर नजर रख रहें हैं।

लखनऊ से रत्ना सिंह का क्या है नाता?

रत्ना सिंह एक पेशेवर वकील हैं। जो सीजेपी की लीगल हेड के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा यूपी की राजधानी नवाबों के शहर लखनऊ के दिल्ली पब्लिक स्कूल से हुई थी। साल 2002 से 2013 के बीच रत्ना सिंह ने इसी स्कूल से पढ़ाई की. रत्ना सिंह ने कानून क्षेत्र में अपना करियर बनाने का विचार किया था। आगे चलकर रत्ना ने पत्रकारिता में भी हाथ आजमाया। इसके बाद रत्ना ने वकालत की दुनिया में कदम रखा।

कानून डिग्री धारक हैं रत्ना सिंह

लखनऊ से पढ़ने के बाद रत्ना ने प्राइवेट यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। जहां रत्ना ने साल 2020 में कानून की पढ़ाई कर लॉ डिग्री हासिल की। कानून की पढ़ाई के बीच ही रत्ना को कानूनी दांव पेंच समझ आ गए थे। इसके साथ ही वह पत्रकारिता भी जारी रखे रहीं। कोर्ट से जुड़ी खबरें और कानूनी मामलों में काम करा। वकालत के क्षेत्र में रत्ना ने अपना करियर बनाया।

वकील बनने से पहले बनी पत्रकार

रत्ना सिंह के करियर की बात करें तो उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना हाथ आजमाया था। वह बतौर लीगल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर चुकी है। रत्ना कई मीडिया प्लेटफॉर्म से भी जुड़ी रही। कोर्ट में चलने वाले मुद्दों, कानूनी फैसलों और कानून से जुड़े मामलों में वह रिपोर्टिंग करती थीं। पत्रकारिता के बाद उन्होंने वकालत को चुना। वर्तमान समय में रत्ना दिल्ली हाईकोर्ट में वकील हैं और सीजेपी की कानूनी सलाहकार।

अभिजीत दीपके से कनेक्शन?

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और रत्ना सिंह संगठन के कामकाज को एक साथ करते हैं। सीजेपी की कोर टीम का हिस्सा बन चुकी रत्ना सिंह प्रमुख सहयोगियों में शामिल हैं। सीजेपी गठन के बाद रत्ना संगठन की गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते दिखी हैं।

हमेशा एक्टिव दिखी हैं रत्ना सिंह

छात्र आंदोलन, विरोध प्रदर्शनों और कानूनी विवादों के समय रत्ना सिंह की भूमिका अहम रही है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन में रत्ना सिंह हमेशा आगे नजर आई। मीडिया से बातचीत करना हो या कानूनी मुद्दों और रणनीति बनाना हो रत्ना सिंह हमेशा एक्टिव मोड पर रही हैं।

10 अक्टूबर को पुलिस ने हिरासत में लिया था

रत्ना सिंह 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन से पहले पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। इस कार्रवाई के बाद सीजेपी ने कई सवाल उठाए। रत्ना सिंह ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग करते हुए कोर्ट का रूख किया था। हालांकि कोर्ट ने रत्ना की अर्जी जरूरी कानूनी शर्तें पूरी न होने पर खारिज कर दी थी।

जान से मारने की भी मिली थी धमकी

जुलाई 2026 में रत्ना सिंह उस समय सुर्खियों में आ गईं जब उन्होंने जान से मारने की धमकियां मिलने की बात मीडिया से कही थी। 30 जुलाई 2026 के आसपास रत्ना सिंह ने दावा किया कि उन्हें सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही है। हालांकि धमकियां किसने दी थी और क्या वजह थी अभी तक इसकी जानकारी नहीं मिली।

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