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क्या है E20 जनता पार्टी? CJP के बाद सोशल मीडिया पर नया कैंपेन, E20 पेट्रोल के खिलाफ छेड़ी मुहिम

Rajeev Singh · 27 जुलाई 2026

E20 Janata Party: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्रों द्वारा संचालित विरोध प्रदर्शन और 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के ठीक एक दिन बाद, सोशल मीडिया पर एक और नया अभियान तेज़ी से वायरल हो रहा है—'E20 जनता पार्टी'। CJP की ही भाषा, ब्रांडिंग, मीम्स और पोस्टर शैली को अपनाकर शुरू हुए इस अभियान ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है। देखते ही देखते इंस्टाग्राम पर इसके 2,18,000 से अधिक फॉलोअर्स हो चुके हैं और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।

क्या हैं E20 जनता पार्टी की मुख्य मांगें?
जहाँ CJP का मुद्दा शिक्षा सुधार और NEET पेपर लीक से जुड़ा था, वहीं E20 जनता पार्टी का फोकस देश की मौजूदा ईंधन नीति पर है, पार्टी का कहना है कि एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20) को आम जनता पर थोपा न जाए। पेट्रोल पंपों पर E20 के साथ-साथ 100% शुद्ध सामान्य पेट्रोल का विकल्प भी मिलना चाहिए।

शुद्ध पेट्रोल सस्ते दामों पर उपलब्ध कराया जाए।
E20 नीति को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग की जा रही है। समर्थकों का तर्क है कि E20 ईंधन से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है, इंजन में खराबी आ रही है और मेंटेनेंस का खर्च बढ़ रहा है।

कौन चला रहा है यह नया अभियान?
CJP का चेहरा जहां अभिजीत दिपके थे, वहीं E20 जनता पार्टी का कोई भी संस्थापक या चेहरा अभी तक आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जो अकाउंट अब E20 जनता पार्टी के नाम से चल रहा है, वह पहले CJP के आंदोलन से जुड़ा हुआ था। CJP प्रदर्शन समाप्त होने के बाद उस अकाउंट का नाम बदलकर 'E20 जनता पार्टी' कर दिया गया। फिलहाल यह किसी कैडर-आधारित राजनीतिक दल के बजाय एक डिजिटल मोबिलाइजेशन (ऑनलाइन अभियान) जैसा प्रतीत होता है।

4 अगस्त को संसद मार्च का ऐलान
डिजिटल विरोध के बीच अब यह मुद्दा सड़कों पर भी गरमाने लगा है। दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने E20 पेट्रोल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हाथ में गन्ना लेकर अनोखा विरोध जताया। ट्रांसपोर्टर्स और टैक्सी मालिकों की बढ़ती शिकायतों (घटता माइलेज और महंगा मेंटेनेंस) को देखते हुए संगठन ने 4 अगस्त को संसद भवन तक विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है। सोशल मीडिया पर CJP जैसी ही आक्रामक रणनीति और अब ट्रांसपोर्टरों के जमीनी समर्थन के साथ, E20 पेट्रोल का यह मुद्दा आने वाले दिनों में सरकार के लिए एक नई चुनौती बन सकता है। 

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Written By Shailesh Yadav