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'BJP की सत्ता जाएगी तो किसी को नहीं छोड़ेंगे', अभिषेक बनर्जी के बयान से क्यों मची सियासी हलचल?

MADHVI TANWAR · 31 अक्टूबर 2026
'BJP की सत्ता जाएगी तो किसी को नहीं छोड़ेंगे'

 

पश्चिम बंगाल: TMC नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी अपने बयान को लेकर सुर्खियों में छाए हु्ए हैं। अभिषेक ने अपने बयान में जहां पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी को साल 2029 में उसके सामने चुनाव लड़ने का चेलेंज दिया। तो वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी पार्टी और पुलिस के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों पर तीखे शब्दों में निशाना साधा है। जिसमें उन्होंने कहा कि जिस दिन भाजपा सत्ता से बाहर होगी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

अभिषेक ने यह भी कहा कि जब जब भारत (INDIA) गठबंधन सत्ता में आएगा, तो भ्रष्टाचार और संविधान का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बनर्जी ने इलेक्शन कमीशन के अंदर की आम सहमति पर सवाल उठाया और बताया कि इलेक्शन कमिश्नरों ने खुद कहा था कि फैसले एकमत से नहीं लिए गए थे।

अभिषेक ने इलेक्शन कमीश्नर पर निशाना साधते हुए कहा कि 'लॉजिकल गड़बड़ियों' को ठीक करने की आड़ में 30 लाख वोटरों के नाम हटाए गए। अगर इस तरह के अंतरिम इंतज़ाम से इतने बड़े पैमाने पर वोटरों को वोट देने का अधिकार छीना जाता है, तो यह पूरे मैंडेट की लेजिटिमेसी पर सवाल उठाना लाजमी है।

'लॉजिकल गड़बड़ी' एक अंतरिम व्यवस्था

इलेक्शन कमिश्नर खुद यह मुद्दा उठा रहे हैं कि एकमत से फैसला नहीं लिया गया। अगर 'लॉजिकल गड़बड़ी' एक अंतरिम व्यवस्था है और इसकी वजह से 30 लाख नाम हटाए गए, तो इसके बाद चुने गए MLA भी अंतरिम हैं। चुनी हुई सरकार भी अंतरिम है। CM भी अंतरिम हैं। एक दिन उनके (तत्कालीन CEO मनोज कुमार अग्रवाल) खिलाफ केस ज़रूर दर्ज होगा। BJP आज सत्ता में है, लेकिन वे एक दिन चले जाएंगे। उसके बाद, निश्चित रूप से कार्रवाई होगी।

सवाल उठना लाजमी

उन्होंने मॉडल कोड ऑफ़ कंडक्ट (MCC) खत्म होने से पहले ही मनोज अग्रवाल को राज्य का चीफ सेक्रेटरी अपॉइंट करने की जल्दबाजी पर सवाल उठाया। साथ ही चुनाव के बाद स्टेट ऑब्ज़र्वर सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री का पॉलिटिकल एडवाइज़र अपॉइंट करने की भी आलोचना की। मनोज अग्रवाल को EC के एफिडेविट के ज़रिए फंसाया गया है। ऐसी क्या मजबूरी या जल्दी थी कि MCC खत्म होने से पहले ही मनोज अग्रवाल राज्य के चीफ सेक्रेटरी बन गए? चुनाव के बाद स्टेट ऑब्जर्वर सुब्रत गुप्ता को CM का पॉलिटिकल एडवाइजर बना दिया गया।

संविधान के दायरे में काम करना होगा

अपनी आलोचना को और तीखा करते हुए अभिषेक ने कहा जो लोग सोचते हैं कि राजनीति में किसी भी तरह जीतना ज़रूरी है। उन्हें यह समझना चाहिए कि उन्हें कानून और संविधान के दायरे में काम करना होगा। जिस दिन BJP सत्ता से बाहर हो जाएगी, किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा।

जब INDI अलायंस सत्ता में आएगा। तो सबसे पहले उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जो भ्रष्टाचार में शामिल हैं और कानून और संविधान का उल्लंघन करते हैं। 10 साल तक देश को लूटने वालों, कानून और संविधान तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना होगी।

चीफ इलेक्शन कमिश्नर को किया चैलेंज

चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को चैलेंज करते हुए TMC नेता ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावों में कॉम्प्रोमाइज़ किया गया था। उन्होंने CEC को दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक के 10 मिनट के CCTV फुटेज को खास काउंटिंग सेंटर और चुनाव क्षेत्रों से दिखाने का खुला चैलेंज दिया।

बंगाल चुनाव लूट लिए गए। मैं ज्ञानेश कुमार को चुनौती देता हूं। अगर उनमें हिम्मत है, तो राजारहाट गोपालपुर, भबनीपुर, राजारहाट न्यू टाउन और कुल 100 विधानसभा क्षेत्रों की दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक की 10 मिनट की फुटेज दिखाएं; हम आपसे माफी मांगेंगे।

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