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मुंबई से विरार का सफर होगा आसान? 55.12 किमी लंबे उत्तान-विरार सी लिंक से कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार

Shivani Gupta · 29 अक्टूबर 2026
मुंबई से विरार का सफर होगा आसान

मुंबई: मुंबई महानगर क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए उत्तान-विरार सी लिंक परियोजना अहम साबित हो सकती है। इस परियोजना के जरिए मुंबई के उत्तरी इलाकों तक पहुंचना आसान बनाने की योजना है। समुद्र पर बनने वाले पुल और उससे जुड़ने वाले संपर्क मार्गों के माध्यम से उत्तान, वसई और विरार जैसे क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों को मौजूदा सड़क मार्गों के विकल्प मिल सकते हैं, जिससे यातायात के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।

55.12 किलोमीटर लंबी होगी परियोजना

उपलब्ध विवरण के अनुसार, उत्तान-विरार सी लिंक की कुल लंबाई 55.12 किलोमीटर प्रस्तावित है। इसमें समुद्र पर बनने वाले पुल की लंबाई 24.35 किलोमीटर होगी, जबकि 30.77 किलोमीटर के संपर्क मार्ग बनाए जाने की बात कही गई है।

प्रस्तावित संपर्क मार्गों का विवरण इस प्रकार है:

- उत्तान कनेक्टर: 9.32 किलोमीटर
- वसई कनेक्टर: 2.50 किलोमीटर
- विरार कनेक्टर: 18.95 किलोमीटर

इन संपर्क मार्गों का उद्देश्य समुद्री पुल को आसपास के प्रमुख इलाकों से जोड़ना है, ताकि लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अधिक सुविधाजनक रास्ता मिल सके।

मुंबई से विरार पहुंचने में लगेगा कम समय?

फिलहाल मुंबई के दक्षिणी हिस्से से विरार तक सड़क मार्ग से पहुंचने में यातायात की स्थिति के अनुसार दो से ढाई घंटे तक लग सकते हैं। ऐसे में नया समुद्री संपर्क मार्ग बनने से यात्रा का समय घटने की उम्मीद है। हालांकि, एक घंटे से कम समय में सफर पूरा होने के दावे की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

इस परियोजना से मुंबई महानगर क्षेत्र में रहने वाले नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को फायदा मिल सकता है। बेहतर सड़क संपर्क से माल ढुलाई और व्यावसायिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।

ट्रैफिक और ईंधन की खपत पर क्या होगा असर?

नया मार्ग उपलब्ध होने से मौजूदा सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। इससे जाम में फंसने का समय घटने और ईंधन की बचत होने की संभावना है। वाहनों की आवाजाही अधिक सुचारु होने पर प्रदूषण कम करने में भी मदद मिल सकती है।

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