टीएनपी न्यूज़
होम / देश
देश

अमेरिका-ईरान शांति समझौते का हुआ ऐलान, प्रधानमंत्री मोदी ने जताई खुशी

Rajeev Singh · 15 जून 2026
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव और संघर्ष अब समाप्ति की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। दोनों देशों ने एक…

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव और संघर्ष अब समाप्ति की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। दोनों देशों ने एक महत्वपूर्ण शांति समझौते पर सहमति बनने का दावा किया है, जिससे पश्चिम एशिया में स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस घटनाक्रम का स्वागत दुनिया के कई देशों ने किया है, जिनमें भारत भी शामिल है।

पीएम ने अमेरिका-ईरान के शांति वार्ता का किया स्वागत

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के कारण विश्व अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ा था और कई देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि इस समझौते के लागू होने से क्षेत्र में शांति, स्थिरता तथा व्यापार और आवागमन की स्वतंत्रता बहाल होगी। साथ ही उन्होंने शेष मुद्दों के समाधान के लिए निरंतर बातचीत की आवश्यकता पर बल दिया।

I welcome the understanding reached between the United States and Iran on ending the conflict in West Asia, which has caused serious economic disruption across the world and led to loss of life in many countries.

India hopes that the implementation of this understanding will…

— Narendra Modi (@narendramodi) June 15, 2026

ईरान के साथ समझौते पर बोले ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से दावा किया कि ईरान के साथ समझौता हो गया है। दूसरी ओर, ईरान की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कई महीनों तक चली कठिन और जटिल वार्ताओं के बाद दोनों देशों ने युद्धविराम संबंधी समझौता ज्ञापन (MoU) को अंतिम रूप दे दिया है।

14 प्रमुख शर्तों पर सहमत हुए अमेरिका और ईरान

ट्रम्प के अनुसार, इस समझौते के तहत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होरमुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोला जाएगा। साथ ही ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों पक्ष 14 प्रमुख शर्तों पर सहमत हुए हैं और 19 जून को Geneva में औपचारिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।

14 शर्तों में क्या लिखा है?

एक रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित 14 शर्तों में तेल निर्यात पर लगी पाबंदियों को हटाना, आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देना और अरबों डॉलर की राशि जारी करना शामिल है। इन कदमों को दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली और स्थायी शांति की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि यह प्रक्रिया सफल रहती है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव न केवल पश्चिम एशिया बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

Written By: Geeta Sharma