School Principal से Democratic Party तक! भारतीय मूल की पिया डांडिया का US Midterm Elections में दिखा दबदबा
US Midterm Elections: भारतीय मूल की पिया डांडिया ने अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जीत हासिल की है। डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार पिया ने रिपब्लिकन प्रत्याशी कैसी अस्कर को हराकर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में जगह बनाई। शुरुआती मीडिया रिपोर्टों या सोशल मीडिया पोस्ट में उनके दल को लेकर भ्रम फैल गया था, लेकिन आधिकारिक चुनावी नतीजों के अनुसार उन्होंने डेमोक्रेट प्रत्याशी के तौर पर यह बड़ी जीत हासिल की है।
कौन है पिया डांडिया?
पिया डांडिया का भारत से बेहद खास रिश्ता है, केवल नाम ही नहीं बल्कि उनके अंदर भी भारतीय झलक दिखाई देती है। पिया डांडिया का जन्म और पालन-पोषण अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित पाम बीच काउंटी में हुआ। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका जाकर रहने लगे। पिया ने अपने करियर की शुरूआत शिक्षा के क्षेत्र से की थी। वह एक अध्यापिका और बाद में हाई स्कूल की प्रिंसिपल के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
28 साल की उम्र में उन्होंने एक हाई स्कूल की संस्थापक प्रिंसिपल की जिम्मेदारी संभाली। जिस समय वह स्कूल में थी उस दौरान सभी विद्यार्थियों को कॉलेज में दाखिला मिला। इसके बाद उन्होंने व्हाइट हाउस फेलो के रूप में काम किया और अमेरिकी सरकार की घरेलू नीति और शिक्षा से जुड़े मामलों में योगदान दिया।
व्हाइट हाउस से Apple तक
पिया डांडिया के सफल की बात की जाए तो वह पेशेवर तौर पर शिक्षा और प्रशासन तक सीमित नहीं रहा। व्हाइट हाउस में काम करने के बाद पिया डांडिया ने दिग्गज टेक कंपनी Apple में भी सार्वजनिक क्षेत्र से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया। यहां उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने से जुड़े मुद्दों पर काम किया। इसी अनुभव के आधार पर वह अमेरिकी राजनीति में कदम रख पाई। उन्होंने चुनाव में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, महंगाई और आम परिवारों की आर्थिक परेशानियों को प्रमुख मुद्दा बनाया।
फ्लोरिडा की 22वीं सीट पर दर्ज की जीत
पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा। रिपब्लिकन पार्टी के कैसी अस्कर से उनका मुकाबला था। 3 नवंबर 2026 को हुए चुनाव में पिया ने जीत दर्ज की। इस सीट पर चुनाव काफी ज्यादा महत्वपूर्ण माना जा रहा था। चुनावी क्षेत्र की सीमाओं में बदलाव के बाद यह सीट दोनों प्रमुख पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण बन गई थी।
भारतीय मूल के उम्मीदवारों की बढ़ी भागीदारी
अमेरिका में 2026 मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के कई उम्मीदवार अलग-अलग पदों के लिए चुनावी मैदान में उतरे। इसमें ओहायो के गवर्नर पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी और अन्य राज्यों में चुनाव लड़ रहे भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार भी शामिल हैं।
पिया डांडिया की जीत भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए और अमेरिकी राजनीति में प्रतिनिधित्व के लिहाज से काफी ज्यादा महत्वपूर्ण बताई जा रही है। उनके जीवन की कहानी शिक्षा के क्षेत्र से शुरू होकर व्हाइट हाउस, कॉर्पोरेट जगत और अब अमेरिकी संसद तक पहुंच गई है।
इस ऐतिहासिक जीत से जुड़ी मुख्य बातें
पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार केसी अस्कर को हराया। केसी अस्कर को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मुखर समर्थक माना जा रहा था।
फ्लोरिडा की इस सीट को रिपब्लिकन पार्टी के पक्ष में दोबारा तैयार किया गया था। इसे रिपब्लिकन का गढ़ माना जा रहा था, लेकिन पिया ने एक बड़े उलटफेर में डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए यह सीट जीत ली।
वह एक पूर्व स्कूल प्रिंसिपल रह चुकी हैं और 'व्हाइट हाउस फेलो' के रूप में अमेरिकी शिक्षा विभाग में भी काम कर चुकी हैं। उन्होंने टेक दिग्गज कंपनी एप्पल के साथ मिलकर भी काम किया है।
इस मिडटर्म चुनाव में पिया डांडिया के अलावा सुहास सुब्रमण्यम जैसे कई अन्य भारतवंशियों ने भी अमेरिकी राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
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