टीएनपी न्यूज़
होम / विदेश
विदेश

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव से पहले मेक्सिको पहुंचा 300 से ज्यादा माइग्रेंट्स का कारवां, जानें पूरा मामला

Shailesh Yadav · 28 सितम्बर 2026
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले होंडुरास से निकला ‘फे वाई एस्पेरांजा’ माइग्रेंट कारवां मेक्सिको के चियापास पहुंचा। करीब…

US Midterm Elections: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से कुछ हफ्ते पहले इमिग्रेशन एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। इसी बीच सैकड़ों माइग्रेंट्स का एक कारवां दक्षिणी मेक्सिको में दाखिल हुआ है और उत्तर की ओर बढ़ रहा है। इस कारवां में ज्यादातर लोग होंडुरास के रहने वाले हैं। समूह ने खुद को 'फे वाई एस्पेरांजा' यानी 'विश्वास और उम्मीद' नाम दिया है।

रिपोर्टों के मुताबिक, कारवां रविवार, करीब 20 सितंबर को होंडुरास के सैन पेड्रो सुला से रवाना हुआ था। इसके बाद यह ग्वाटेमाला से होते हुए मेक्सिको की सीमा तक पहुंचा। 24 सितंबर को करीब 300 लोगों का समूह रोडोल्फो रोब्लेस इंटरनेशनल ब्रिज के रास्ते मेक्सिको के चियापास राज्य में दाखिल हुआ और बाद में तापाचुला पहुंचा।

शुरुआत में करीब 300 लोग, रास्ते में बढ़ी संख्या

शुरुआत में कारवां में करीब 300 लोग थे। तापाचुला पहुंचने के बाद दूसरे देशों के माइग्रेंट्स भी इसमें शामिल हुए। इनमें ग्वाटेमाला और अल साल्वाडोर के लोग शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में बाद में संख्या बढ़ने की बात कही गई है, हालांकि उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों में समूह की संख्या करीब 300 बताई गई थी।

कारवां में शामिल लोगों के लक्ष्य अलग-अलग हैं। कुछ अमेरिका पहुंचना चाहते हैं, जबकि कुछ मेक्सिको में ही काम तलाशकर बसना चाहते हैं। एक रॉयटर्स वीडियो रिपोर्ट में एक होंडुरन माइग्रेंट ने कहा कि कारवां का कोई एक नेता नहीं है और लोग अपने खर्च पर यात्रा कर रहे हैं।

40 किलोमीटर तक पैदल चला कारवां

मेक्सिको में प्रवेश के बाद माइग्रेंट्स ने करीब 35 से 40 किलोमीटर का सफर पैदल तय किया। करीब 12 घंटे की यात्रा के बाद वे तापाचुला पहुंचे। रास्ते में थकान और दूसरी परेशानियों के बावजूद समूह आगे बढ़ता रहा।

तापाचुला दक्षिणी मेक्सिको में माइग्रेंट्स के लिए अहम पड़ाव है। यहां कई लोग रोजगार मिलने या अपने इमिग्रेशन से जुड़े मामलों में आगे बढ़ने का इंतजार करते हैं। कुछ माइग्रेंट्स का कहना है कि आर्थिक तंगी और रोजगार की कमी ने उन्हें अपना देश छोड़ने के लिए मजबूर किया है।

चुनाव से पहले फिर गरमाया इमिग्रेशन मुद्दा

माइग्रेंट कारवां का मेक्सिको में प्रवेश ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका में 2026 के मिडटर्म चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में इमिग्रेशन और दक्षिणी सीमा एक बार फिर अमेरिकी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गए हैं।

अमेरिकी सांसदों और कुछ टिप्पणीकारों ने कारवां के समय को लेकर सवाल उठाए हैं और इस बात पर अटकलें लगाई हैं कि क्या इसके पीछे किसी संगठन या समूह की भूमिका है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में कारवां के किसी बाहरी संगठन द्वारा प्रायोजित होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसके विपरीत, कारवां में शामिल एक माइग्रेंट ने रॉयटर्स से कहा कि कोई व्यक्ति उन्हें लीड नहीं कर रहा और लोग अपने संसाधनों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

अमेरिकी सीमा पर माइग्रेशन का मौजूदा आंकड़ा

अमेरिका की दक्षिण-पश्चिमी सीमा पर हाल के महीनों में गिरफ्तारियों का स्तर पिछले वर्षों के उच्च स्तरों की तुलना में काफी कम रहा है। ऐसे में नया कारवां राजनीतिक और मीडिया दोनों का ध्यान खींच रहा है। हालांकि, एक अकेले कारवां को पूरे अमेरिकी सीमा-माइग्रेशन ट्रेंड का प्रतिनिधि मानना उचित नहीं होगा।