US-Iran War: अमेरिका ईरान के बीच शुरू होगा विश्व युद्ध! क्या भारत में आने वाला है बड़ा आर्थिक संकट? जानें सबकुछ
US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध ने एक बार फिर कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। दोनों देशों के बीच जारी टेंशन ने नींद उड़ा दी है। आर्थिक हालात को लेकर एक नई तरह की बहस छिड़ गई है। यह कहना गलत नहीं होगा कि विश्व अभी भारी संकट से जूझ रहा है। इसी बीच अब ईरान के विदेश मंत्री ने ऐसा बयान दिया है जो डोनाल्ड ट्रंप की बेचैनी बढ़ाने के लिए काफी है।
एक्सपर्ट के मुताबिक यह तनाव विश्व युद्ध की और बढ़ रहा है। सवाल यह भी है कि क्या भारत में आर्थिक संकट गहराने जा रहा है, ऐसा इसलिए क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही में लगातार दिक्कतें आ रही है। आईए समझते है क्या है इसके मायने।
क्या विश्व युद्ध की और बढ़ रहा है US-Iran War?
अमेरिका और ईरान में तनातनी लगातार बढ़ती जा रही है। "तू डाल-डाल, मैं पात-पात" वाली कहावत दोनों देशों पर बिल्कुल सटीक बैठ रही है। दोनों ही देश झुकने के लिए तैयार नहीं है। ट्रंप ईरान को तबाह करने की धमकी देते है तो ईरान उनके ही भाषा में जवाब देता है।
हालात यह है कि अब बात विश्व युद्ध की और बढ़ चली है। लगातार धमकी के बाद भी ईरान आंख में आंख डालकर अमेरिका के सामने खड़ा है।
ईरान ने अमेरिका को दी खुली चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरान के विदेश मंत्री विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को ललकारते हुए लिखा, पिछली बार जब आपने "काम खत्म" करना चाहा था, तो ईरान और भी मजबूत होकर उभरा। क्या आप फिर से अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं? जरूर आजमाइए।
लेकिन सावधान रहें; हमारे पास भी कुछ काम अधूरे पड़े हैं। नेतन्याहू जेल जाने से बचने के लिए अमेरिका को एक और युद्ध में धकेल रहे हैं—भले ही इसके नतीजे इजरायल (और अमेरिकी राष्ट्रपति) के लिए कुछ भी हों"। अगर ट्वीट का सार समझे तो ईरान किसी भी हद तक जा सकता है।
क्या भारत में आने वाले है बड़ा आर्थिक संकट
US-Iran War का असर केवल अमेरिका और ईरान पर नहीं, दुनिया के कई देशों पर देखने को मिल रहा है। भारत में खुदरा महंगाई दर में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। चूंकि भारत ज्यादा आबादी वाला देश है, इस वजह से इंडिया पर इसका ज्यादा पड़ सकता है।
बीते कुछ महीनों से महंगाई में लगातार बढ़ोतरी दिख रही है। पेट्रोल-डीजल पर भी लगातार संकट गहराता जा रहा है। यानि यह तो साफ है कि अगर यह युद्ध आगे बढ़ता है तो भारत समेत दुनिया के कई देश इसकी चपेट में आ सकते है।