US-Iran War: नेतन्याहू के जीतते ही ईरान पर शुरू होगा भीषण हमला! कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग, जानें सबकुछ
US-Iran War: अमेरिका-ईरान यु्द्ध ने अलग मोड़ ले लिया है। चुनावी नतीजों के रूझान में इजरायल के पीएम नेतन्याहू आगे चल रहे है। हालांकि अभी भी किसी भी सरकार को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। अब फिर से सवाल उठना शुरू हो गया है कि अगर नेतन्याहू जीत जाते है तो क्या अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान को तबाह करने वाले है?
गौरतलब है कि दोनों ही नेता लगातार ईरान को तबाह करने की धमकी दे रहे है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल ने हलचल मचा दी है।
नेतन्याहू के चुनावी नतीजों का ईरान से क्या संबंध?
इजरायल की राजनीति में ईरान लंबे समय से एक बड़ा सुरक्षा मुद्दा रहा है। नेतन्याहू ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्र में ईरान समर्थित संगठनों की गतिविधियों को इजरायल के लिए गंभीर चुनौती बताते रहे हैं।
28 अक्टूबर को चुनाव के बाद अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने अपनी पार्टी लिकुड को सबसे बड़ी पार्टी बताया और ईरान के खिलाफ सख्त रुख जारी रखने की बात कही। हालांकि, चुनावी नतीजों के शुरुआती अनुमानों में उनके गठबंधन को सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत मिलता नहीं दिखा।
अगर नेतन्याहू दुबारा पीएम बन जाते है तो ईरान पर बड़ा खतरा मंडरा सकता है। कुछ घंटों में यह साफ हो जाएगा कि इजरायल में किसी सरकार बनेगी।
कच्चे तेल की कीमतों में क्यों आया उछाल?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया की ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री परिवहन मार्गों का महत्व है।
28 अक्टूबर 2026 को एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 115.10 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रही थी। बाजार में उतार-चढ़ाव के पीछे इजरायल के चुनावी नतीजों को लेकर अनिश्चितता, ईरान के साथ कूटनीतिक प्रयास और तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं प्रमुख वजह थे।
अगर कच्चे तेल की कीमतों में ऐसे ही बढ़ोतरी होती रहेगी तो भारत समेत कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दामों में बड़ा उलटफेर हो सकता है। भारत की बात करें देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है।
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