तरंग शक्ति एक्सरसाइज 2026: जोधपुर पहुंचे अमेरिका के F-35 फाइटर जेट, पहली बार अभ्यास में लेंगे हिस्सा
जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर में आयोजित होने वाले बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास एक्सरसाइज तरंग शक्ति 2026 में भाग लेने के लिए अमेरिका के छह एफ -35 लाइटनिंग II लड़ाकू विमान और 200 से अधिक अमेरिकी वायुसेना कर्मी भारत पहुंचे हैं।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी एफ-35 विमान पहली बार तरंग शक्ति अभ्यास में शामिल हो रहे हैं और भारतीय विमान और अन्य देशों की वायु सेना के साथ उड़ान भरेंगे।
40 से ज्यादा देश शामिल
युद्धाभ्यास तरंग शक्ति का दूसरा संस्करण शनिवार को राजस्थान के एयरफोर्स स्टेशन जोधपुर में शुरू हुआ। इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास में 40 से अधिक देशों के शामिल होने की उम्मीद है।
भारतीय वायुसेना ने भी सोशल मीडिया पर विभिन्न देशों से पहुंचे सैन्य दलों का स्वागत किया। वायुसेना के अनुसार, Tarang Shakti भारत के प्रमुख बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यासों में से एक है, जिसमें विभिन्न देशों की वायु सेनाएं संयुक्त सामरिक अभियानों और अभ्यासों में हिस्सा लेंगी।
American airpower has arrived in Jodhpur! Six F-35 Lightning IIs and 200+ Airmen are now in India for their first-ever participation in Exercise Tarang Shakti. Excited to see America’s premier fifth-generation fighters make its Tarang Shakti debut, flying alongside the @IAF_MCC and partners.
— Ambassador Sergio Gor (@USAmbIndia) September 26, 2026
2024 में पहला संस्करण आया
बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास तरंग शक्ति का पहला संस्करण 2024 में आयोजित किया गया था। उस समय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे मित्रता के साथ सहयोग, सहयोग और मित्रता विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया था।
2026 के संस्करण में विभिन्न देशों की वायु सेनाओं के बीच संयुक्त अभियान, सामरिक अभ्यास और अनुभव साझा करने का जोर दिया जा रहा है।
भारत-अमेरिका सैन्य अभ्यास ‘Yudh Abhyas’ भी जारी
इससे पहले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और लेफ्टिनेंट जनरल विक्रांत सुरेश देशपांडे, जनरल ऑफ़िसर कमांडिंग, 10 कोर ने भारतीय और अमेरिकी सेना के संयुक्त प्रदर्शन शस्त्रागार को देखा।
इस प्रदर्शन में पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, एम777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर, धनुष आर्टिलरी सिस्टम, एएच-64ई अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर, एल70 एयर डिफेंस गन और स्वाति वेपन-लोकेटिंग रडार का इस्तेमाल किया गया।
अमेरिकी सेना ने इस दौरान HIMARS और M-LIDS आदि को भी शामिल किया। अभ्यास में आर्टिलरी, एविएशन, एयर डिफ़ेंस और निगरानी संरचनाओं का संयुक्त प्रदर्शन किया गया।
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