टीएनपी न्यूज़
होम / उत्तर प्रदेश चुनाव
उत्तर प्रदेश चुनाव

UP Politics: यूपी में सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर रार के संकेत? अखिलेश-राहुल लेंगे अंतिम फैसला, BJP ने भी तेज की तैयारी

Shailesh Yadav · 29 अक्टूबर 2026
यूपी में सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर रार के संकेत?

UP Politics News: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और विपक्षी दलों ने अपनी-अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने आगामी कार्यसमिति बैठक की तैयारियों को लेकर जानकारी दी, वहीं सपा सांसद रुचि वीरा ने सपा-कांग्रेस गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीटों का फैसला सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत पार्टी नेतृत्व करेगा। दूसरी ओर, यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दोनों दलों के बीच तालमेल को जरूरी बताया है।

भाजपा कार्यसमिति बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पर चर्चा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने गुरुवार को बताया कि पार्टी की आगामी कार्यसमिति बैठक की तैयारियों पर चर्चा की गई। बैठक में पेश किए जाने वाले राजनीतिक प्रस्ताव, संबोधन और कार्यक्रम में शामिल होने वाले सदस्यों की व्यवस्थाओं पर विचार हुआ। चौधरी के मुताबिक, बाहर से आने वाले कार्यसमिति सदस्यों के ठहरने और कार्यक्रम की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा की गई। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सपा-कांग्रेस में सीटों का फैसला कौन करेगा?
सपा सांसद रुचि वीरा ने उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर कहा कि इस पर अंतिम निर्णय दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व करेगा। उन्होंने अखिलेश यादव और राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि गठबंधन और सीटों का फैसला वही करेंगे। रुचि वीरा ने यह भी कहा कि कांग्रेस को उन सीटों पर दावा करना चाहिए, जहां उसके पास मजबूत उम्मीदवार हों और चुनावी मुकाबले की वास्तविक संभावना हो। उनके मुताबिक, जिन सीटों पर पार्टी की मजबूत मौजूदगी नहीं है, वहां केवल सीट मांगने से गठबंधन को फायदा नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि दोनों दलों का लक्ष्य भाजपा को हटाकर उत्तर प्रदेश में सरकार बनाना और 2029 के चुनावों की तैयारी करना होना चाहिए।

राजभर बोले- सपा और कांग्रेस के वोट मिलना जरूरी
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा और कांग्रेस के बीच सहयोग की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने दोनों दलों के राजनीतिक आधार का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव में हर वोट महत्वपूर्ण होता है और संयुक्त प्रयास से ही बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। राजभर ने उदाहरण देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार का जिक्र किया, जो संसद में एक वोट से गिर गई थी। उनके मुताबिक, यह घटना बताती है कि चुनावी और संसदीय राजनीति में एक-एक वोट कितना मायने रखता है।

2027 से पहले गठबंधन और संगठन पर नजर
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की संगठनात्मक बैठक और सपा-कांग्रेस के संभावित सीट बंटवारे को लेकर दिए गए बयान राजनीतिक गतिविधियों को रेखांकित करते हैं। भाजपा जहां अपनी संगठनात्मक तैयारियों पर जोर दे रही है, वहीं विपक्षी गठबंधन में सीटों के तालमेल और मजबूत उम्मीदवारों के चयन का मुद्दा अहम बना हुआ है। हालांकि, सपा-कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर अभी किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है। आने वाले समय में दोनों दलों का नेतृत्व किस आधार पर सीटों का फैसला करता है, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।