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कानपुर से कांग्रेस का नया अभियान शुरू,जाति जनगणना और OBC हिस्सेदारी पर छेड़ेगी बड़ी मुहिम

Shivashakti Narayan Singh · 22 अगस्त 2026
कानपुर से कांग्रेस का नया अभियान शुरू

UP Congress Caste Census Campaign: उत्तर प्रदेश की राजनीति में जाति जनगणना का मुद्दा एक बार फिर जोर पकड़ने जा रहा है। कांग्रेस ने इसे लेकर प्रदेशभर में अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। पार्टी की पिछड़ा वर्ग इकाई की ओर से ओबीसी से जुड़ी मांगों को लेकर जनजागरण कार्यक्रम चलाया जाएगा।

कांग्रेस का यह अभियान 22 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। पार्टी का फोकस खास तौर पर पिछड़े वर्ग के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने और जातिगत आंकड़ों के आधार पर हिस्सेदारी के सवाल को उठाने पर रहेगा।अभियान की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बैठक हुई। इसमें जिलाध्यक्षों और शहर अध्यक्षों से उनके क्षेत्रों का फीडबैक लिया गया। साथ ही आने वाले दिनों में होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई।

जाति जनगणना में OBC कॉलम की मांग

कांग्रेस की मुख्य मांग है कि जाति जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम शामिल किया जाए। पार्टी केंद्र और राज्य की ओबीसी सूचियों में शामिल जातियों की संख्या से जुड़े आंकड़े सामने लाने की मांग भी कर रही है।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जातिगत आंकड़े उपलब्ध होने पर अलग-अलग सामाजिक वर्गों की वास्तविक स्थिति का बेहतर आकलन किया जा सकेगा। पार्टी इसी आधार पर सामाजिक न्याय और सरकारी योजनाओं में भागीदारी का मुद्दा उठा रही है।

22 अगस्त को कानपुर, 23 को जालौन में सम्मेलन

अभियान की शुरुआत में दो प्रमुख कार्यक्रम रखे गए हैं।22 अगस्त को कानपुर में 'जातिगत जनगणना और भागीदारी न्याय सम्मेलन' आयोजित किया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 23 अगस्त को जालौन में इसी तरह का सम्मेलन होगा।इन कार्यक्रमों के जरिए कांग्रेस पिछड़े वर्ग के लोगों तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश करेगी। पार्टी के स्थानीय संगठन को भी अभियान से जोड़ने की तैयारी है।

गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी

कांग्रेस सिर्फ बड़े सम्मेलनों तक अभियान को सीमित नहीं रखना चाहती। पार्टी की योजना इसे प्रदेश के गांवों तक ले जाने की है।इसके लिए अलग-अलग जिलों में पदयात्रा, गोष्ठी, ज्ञापन और प्रदर्शन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी अभियान में सक्रिय भूमिका देने की तैयारी है।यानी आने वाले दिनों में जाति जनगणना का मुद्दा सिर्फ राजनीतिक मंचों तक सीमित रहने के बजाय जमीनी स्तर पर भी दिखाई दे सकता है।

OBC वोटबैंक पर कांग्रेस की नजर

उत्तर प्रदेश की राजनीति में पिछड़ा वर्ग लंबे समय से एक महत्वपूर्ण राजनीतिक आधार रहा है। ऐसे में कांग्रेस का यह अभियान सिर्फ एक सामाजिक मुद्दे तक सीमित नहीं माना जा रहा।पार्टी की कोशिश है कि OBC से जुड़े सवालों को मजबूती से उठाकर इस वर्ग के बीच अपनी मौजूदगी बढ़ाई जाए। जाति जनगणना, सामाजिक न्याय और राजनीतिक हिस्सेदारी जैसे मुद्दों को अभियान की मुख्य धुरी बनाया जा रहा है।

बैठक में बनी आगे की रणनीति

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में हुई बैठक के दौरान जिला और शहर स्तर के पदाधिकारियों से उनके क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली गई। इसके बाद प्रदेशभर में प्रस्तावित कार्यक्रमों पर चर्चा हुई।पार्टी आने वाले समय में अभियान को अलग-अलग जिलों तक ले जाने की तैयारी कर रही है। स्थानीय स्तर पर सम्मेलन और जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए लोगों को जाति जनगणना से जुड़े मुद्दों के बारे में जानकारी देने की योजना है।

कांग्रेस का दावा- भागीदारी के लिए जरूरी हैं जातिगत आंकड़े

कांग्रेस का तर्क है कि सामाजिक और आर्थिक स्थिति की सही तस्वीर सामने आने के लिए जातिगत आंकड़ों की जानकारी जरूरी है। पार्टी का कहना है कि इन आंकड़ों के आधार पर सरकारी नीतियों और सामाजिक हिस्सेदारी पर ज्यादा प्रभावी तरीके से चर्चा की जा सकती है।हालांकि इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग राय रही है और आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस पर बहस और तेज होने की संभावना है।

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