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यूपी में कांग्रेस का खास प्लान तैयार! आराधना मिश्रा को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाकर खेला दलित, मुस्लिम और ब्राह्मण कार्ड

MADHVI TANWAR · 3 अक्टूबर 2026
आराधना मिश्रा

यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने बड़ा फेरबदल कर एक साथ तीन कार्ड खेले हैं। कांग्रेस ने कल राजधानी दिल्ली में घंटो चली मैराथन बैठक के बाद रामपुर खास से महिला विधायक आराधना मिश्रा मोना को यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष का पदभार सौंपा है। इसके साथ ही कांग्रेस हाईकमान सांसद इमराम को कार्यकारी अध्यक्ष और देवेंद्र निषाद व आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किया है।

चौधरी वीरेंद्र सिंह को विधानमंडल दल के नेता के तौर पर चुना है। आराधना मिश्रा को यूपी कांग्रेस का अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस इस बार ब्राह्मण व महिला कार्ड के साथ-साथ दलित और मुस्लिम कार्ड को खेल रही है। एक तरफ बीजेपी बदलाव की राजनीति करती दिखाई दे रही है। तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने आराधना मिश्रा को इस पद का कार्यभार सौंपकर उन्हें अहम जिम्मेदारी सौंपी है।

जहां से कभी पिता बने 9 बार विधायक वहीं बेटी का भी रहा दबदबा

कांग्रेस ने यूपी विधानसभा की चुनावी बिसात में बड़ा दांव चला हैा। ब्राह्मण वोट बैंक के साथ-साथ महिला वोटर्स, मुस्लिम वोटर्स और दलित वोटर्स को कांग्रेस पार्टी के प्रति आकृषित करना एक बड़ी चुनौती है। क्योंकि पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस 2 सीटों पर सिमट कर रह गई थी। आराधना मिश्रा मोना रामपुर खास सीट से विधायक है। यहीं से उनके पिता राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी 9 बार विधायक रह चुके हैं। आराधना मिश्रा को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पार्टी एक ऐसे बड़े चेहरे को लेकर आई है। जो आम लोगों के बीच जाकर उनकी आवाज बन सके।

जानिए कौन है आराधना मिश्रा?

कांग्रेस की सामपुर खास विधानसभा सीट से आराधना मिश्रा विधायक हैं। यूपी में कांग्रेस पार्टी की महिला कद्दावर नेता के तौर पर आराधना मिश्रा काफी चर्चित हैं। कांग्रेस की तरफ से वह न केवल एक ब्राह्मण चेहरे को प्रमोट कर रही हैं। बल्कि महिला उत्थान के लिए भी एक वह कई काम कर चुकी है। आराधना मिश्रा रामपुर खास विधानसभा से वह तीसरी बार विधायक बन चुकी हैं।

आराधना मिश्रा मोना ने साल 2014 में रामपुर खास से अपना पहला उपचुनाव जीता। साल 2017 और साल 2022 के चुनावों में भी आराधना मिश्रा ने जीत हासिल की। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस मजह 2 सीटों पर ही सिमट कर रह गई थी। लेकिन उस दौरान कांग्रेस ने अपने ही गढ़ यानी रामपुर खास में मजबूत पकड़ को आराधना मिश्रा के दम पर बनाए रखा और इस सीट पर जीत दर्ज की।

राजनीति में कैसे आई आराधना मिश्रा?

बात करें आराधना मिश्रा के राजनीति सफर की, तो आराधना ने बतौर उपचुनाव में जीत दर्ज कर राजनीति में कांग्रेस की तरफ से एक दमदार महिला चेहरे के तौर पर एंट्री की। उनके पिता प्रमोद तिवारी के राज्यसभा में जाने के बाद रामपुर खास सीट पर उपचुनाव आयोजित हुए। इसमें कांग्रेस की तरफ से उम्मीदवार के तौर पर आराधना मिश्रा के नाम फाइनल कर दिया।

रामपुर खास सीट पर उपचुनाव हुए। इसमें आराधना मिश्रा ने अपना पहला चुनाव 67,679 वोटों के अंतर से जीता। साल 2017 और साल 2022 में भी रामपुर खास सीट की जनता ने उनपर विश्वास दिखाया और उन्होंने भाजपा के नागेश प्रताप सिंह को 14,741 वोटों से हराया।

आराधना मिश्रा के ब्राह्मण, महिला, दलित और मुस्लिम वोटर्स में करेंगी सैंधमारी

कांग्रेस ने आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर ब्राह्मण समुदाय के वोटर्स को अपनी तरफ कर लिया है। क्योंकि आराधना मिश्रा ब्राह्मण समुदाय से है। ऐसे में ब्राह्मण वोटर्स के सामने वादों की झड़ी लगाकर कांग्रेस को वोट देने के लिए प्रेरित करना एक सबसे बड़ा जरिया बनेंगी। यूपी में 100 से अधिक सीटों पर ब्राह्मण वोटर्स मौजूद है।

जिनकी कुल संख्या 12 प्रतिशत से ज्यादा है। ऐसे में आराधना मिश्रा ब्राह्मण समुदाय के लोगों के लिए साफ छवि वाली बेहतरीन उम्मीदवार के तौर पर वोट प्रतिशत को बढ़ा सकती हैं। इसके साथ ही वह दलितों की तरफ भी इस बार खास ध्यान देने वाला हैं। साथ ही मुस्लिम वर्ग की महिलाओं और उनके साथ होने वाले अत्याचार के खिलाफ आवाज को बुलंद कर वोट जुटाएंगी

महिला वोटर्स में भी होगी सेंधमारी

आराधना मिश्रा खुद एक महिला है। कांग्रेस आराधना मिश्रा के जरिए महिला वोटर्स को भी अपने बेड़े में लेकर आएगी। पूर्व में आराधना मिश्रा प्रदेश की महिलाओं के लिए कई कार्यक्रम भी चला चुकी है। कांग्रेस पार्टी इस बार महिलाओं के वोट पाने के लिए आराधना मिश्रा के जरिए बड़ा संदेश देने वाली है। आराधना मिश्रा खुद भी लड़की हूं लड़ सकती हूं नारे के जरिए महिला वोटर्स में सेंधमारी करने की कोशिश करेंगी। महिला सुरक्षा के मुद्दे, महिला शिक्षा और व्यापार में महिलाओं की भागीदारी जैसे विषय पर आराधना मिश्रा इस बार काम करने वाली है।

कांग्रेस का बनी मजबूत चेहरा

इस समय उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की तरफ से आराधना मिश्रा कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता के तौर पर सरकार के सामने जनहित के मुद्दों पर रखकर लगातार घेरती दिखी। उनकी जमीनी पकड़, वाकपटुता और साफ-सुधरी छवि के कारण ही वह उत्तर प्रदेश कांग्रेस का मजबूत चेहरा बनी हैं। कांग्रेस पूरे देश में हमेशा से ही धर्म, जाति और समुदाय के एजेंडा मानकर चुनाव लड़ा है।

ऐसा इस बार भी करने वाली है। इस बार के यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में कांग्रेस ब्राह्मण कार्ड और महिला कार्ड तो खेल ही रही है, साथ ही दलित और मुस्लिम वोटर्स को भी इस बार अपने खेमें में शामिल करेगी।

हर जाति और धर्म के लोगों को लाएंगी साथ

आराधना मिश्रा जाति, हर समुदाय और हर धर्म के लोगों को एक साथ लेकर चलेंगी। INDIA गठबंधन 2017 के यूपी चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंकने वाला है। साल 2022 के चुनावों में अपनी हार के अलग-अलग मुद्दों पर मंथन कर चुकी है। कांग्रेस ने इसे लेकर आराधना मिश्रा पर खासा भरोसा दिखाया है। कांग्रेस की पहली रणनीति सभी धर्मों के लोगों, सभी जाति और समुदाय के लोगों को एक साथ चलने की है। कांग्रेस का मानना है कि उनकी यह रणनीति ही उन्हें यूपी विधानसभा चुनाव में जीत दिला सकती है।

आराधना मिश्रा मान रही हैं इसे बड़ी चुनौती

यूपी कांग्रेस बनने के बाद आराधना मिश्रा ने इस पद को एक बड़ी जिम्मेदीरी और 2027 विधानसभा चुनाव को एक बड़ी चुनौती माना है। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का आभार जताते हुए इस पद को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने की बात कही है। आराधना का मिश्रा मानती है कि चुनाव के लिए समय कम और चुनौतियां ज्यादा हैं।

लेकिन पार्टी इन सभी का सामना करेगी। कांग्रेस को भरोसा है कि आराधना मिश्रा सभी को साथ जोड़ने में काम चलेगी। वह 2027 में इंडिया गठबंधन की सरकार बनाने में अपनी पूरी ताकत लगा देंगी। आराधना मिश्रा पार्टी को गधबंधन में रहते हुए जीत के लिए बड़ी रणनीति तैयार करनी होगी।

तीन बातों पर जोर देंगी आराधना मिश्रा

आराधना मिश्रा का कहना है कि कांग्रेस एक बड़ा परिवार है, जिसमें वरिष्ठ नेता इसका मार्गदर्शन करते हैं। वह युवाओं को अपने बच्चों की तरह पार्टी में साथ रखते हैं और उन्हे जरूरी दांव पेंच सिखाते हैं। आराधना मिश्रा ने आगामी चुनावों को लेकर एक खास रणनीति के अंतर्गत वोटर्स को साधने पर बात कही। आराधना मिश्रा का कहना है कि, रास्ता मुश्किल है लेकिन समय कम है और इसे में एक बड़ा काम लेकर चलुंगी।

आराधना मिश्रा ने प्रियंका गांधी के लड़की हूं लड़ सकती हूं वाली बात को दिशा देने की बात कही। आराधना मिश्रा अभी 3 बातों पर जोर दे रही हैं। पहली शीर्ष नेतृत्व पर भरोसा और जिम्मेदारी निभाने का वादा, दूसरा गठबंधन और धर्म निभाना, तीसरी वरिष्ठ नेताओं और युवाओं को एक साथ जोड़कर साल 2027 में इंडिया गठबंधन की सरकार बनाना है।

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