यूपी में चुनावी बिगुल बजने की आहट! फरवरी में पड़ सकते हैं वोट, जनवरी में तारीखों का ऐलान संभव
UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज होने के संकेत हैं। संभावित कार्यक्रम के मुताबिक, फरवरी 2027 में मतदान हो सकता है और चुनाव की तारीखों का ऐलान जनवरी तक किया जा सकता है। हालांकि, चुनाव आयोग ने अभी तक तारीखों या मतदान के चरणों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
नवंबर में तैयारियों की समीक्षा कर सकता है चुनाव आयोग
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों की समीक्षा के लिए चुनाव आयोग के अधिकारियों का दौरा प्रस्तावित है। जानकारी के मुताबिक, डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गर्ग अगले महीने अधिकारियों के साथ उत्तर प्रदेश आ सकते हैं। इसके बाद दिसंबर में आयोग की पूरी टीम भी राज्य का दौरा कर सकती है। इन दौरों के दौरान चुनावी तैयारियों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और मतदाता सूची की स्थिति की समीक्षा की जा सकती है। समीक्षा की प्रक्रिया के आधार पर चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
2022 की तरह सात चरणों में हो सकता है मतदान
पिछले विधानसभा चुनाव की समय-सीमा को देखते हुए 2027 में भी फरवरी के आसपास मतदान की संभावना जताई जा रही है। वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से 7 मार्च तक सात चरणों में वोटिंग हुई थी। मतगणना 10 मार्च को हुई थी, जबकि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा 8 जनवरी को की गई थी। इसी आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि 2027 में भी चुनाव कार्यक्रम जनवरी में घोषित हो सकता है। हालांकि, मतदान कितने चरणों में होगा और किन तारीखों पर वोट डाले जाएंगे, इसका फैसला चुनाव आयोग ही करेगा।
मतदाता सूची में नाम जोड़ने पर जोर
चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूची को अपडेट करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल नहीं हो पाए, उनकी पहचान करने और नाम जोड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत घर-घर जाकर सत्यापन किया जा रहा है, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जा सकें। चुनाव से पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करना आयोग की तैयारियों का अहम हिस्सा है।
बोर्ड परीक्षाओं का भी रखा जाएगा ध्यान
चुनाव कार्यक्रम तय करते समय उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षाओं को भी ध्यान में रखा जा सकता है। अधिकारियों के संकेतों के मुताबिक, यदि चुनाव और बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों में टकराव होता है, तो परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मौसम भी चुनाव की तारीखें तय करने में एक अहम पहलू हो सकता है। अप्रैल और मई में गर्मी बढ़ने के कारण फरवरी या मार्च के आसपास मतदान कराने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, यह अभी केवल संभावित आकलन है।
फिलहाल चुनाव की तारीखें तय नहीं: फरवरी 2027 में मतदान और जनवरी में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की संभावना पिछले चुनाव के कार्यक्रम और तैयारियों की अनुमानित समय-सीमा पर आधारित है। चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही मतदान की तारीखों और चरणों की स्थिति स्पष्ट होगी।
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